हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह घटना केंद्र सरकार की बड़ी विफलता को दर्शाती है और सरकार को समय रहते इस मामले में कदम उठाने चाहिए थे।
रोहित ठाकुर ने कहा कि नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में हो रहे आंदोलन केंद्र सरकार की नाकामी का प्रमाण हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का अब तक इस्तीफा न देने को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य या देश में परीक्षा प्रणाली से जुड़ी ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। पेपर लीक जैसे मामलों में सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए और जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल आरोप-प्रत्यारोप लगाने के बजाय परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है।
हिमाचल में कंप्यूटराइज्ड परीक्षाओं पर जोर
जगत नड्डा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए रोहित ठाकुर ने कहा कि व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में पेपर लीक की संभावनाओं को खत्म करने के लिए अब कई परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित माध्यम से आयोजित की जा रही हैं।
सीबीएसई स्कूलों में मेरिट के आधार पर होंगी नियुक्तियां
प्रदेश में घोषित किए गए सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियों को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट के आधार पर की जाएगी।
उन्होंने बताया कि करीब 9 हजार शिक्षकों ने परीक्षा दी थी। इनमें से प्रिंसिपल पदों पर नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं, जबकि अन्य पदों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।
जेबीटी शिक्षकों की मांगों पर सरकार सकारात्मक
जेबीटी शिक्षकों द्वारा क्लस्टर सिस्टम के विरोध पर रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक रुख अपना रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए जो भी उचित होगा, वह कदम उठाया जाएगा।
जल्द भरे जाएंगे 3000 शिक्षक पद
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत स्कूलों के लिए 3000 पदों को जल्द भरा जाएगा।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में शिक्षा विभाग में करीब 14 हजार भर्तियां पूरी कर दी जाएंगी।
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