शिमला।
भारतीय समाज और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका सदैव अग्रणी रही है। इसी गौरवशाली परंपरा को संवैधानिक मजबूती प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाया गया "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" देश की आधी आबादी के लिए एक युगांतकारी निर्णय साबित हो रहा है।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष रंजू रस्तोगी ने इस अधिनियम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को निर्णय लेने वाले सर्वोच्च मंचों तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम है।
रंजू रस्तोगी ने अपने संबोधन में कहा कि लंबे समय से राजनीति और विधायी प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी सीमित रही है। इस अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
यह कदम नारी सशक्तिकरण को नारों से बाहर निकालकर धरातल पर वास्तविकता प्रदान करता है, जिससे महिलाएं अब देश की नीतियों को तय करने में सीधी भूमिका निभाएंगी।
प्रदेश उपाध्यक्ष ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा माननीय प्रधानमंत्री जी ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकता बनाया है। यह अधिनियम आने वाले समय में करोड़ों महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति सजग करेगा।
रंजू रस्तोगी ने प्रदेश की महिलाओं से आग्रह किया कि वे इस कानून के महत्व को समझें और जागरूक बनें। उन्होंने कहा कि जब महिला सशक्त होगी, तभी राष्ट्र समृद्ध और विकसित बनेगा। उन्होंने अपील की कि समाज के हर वर्ग तक इस संदेश को पहुँचाया जाए ताकि भविष्य में महिलाएं हर क्षेत्र में नेतृत्व कर सकें।
लेख के अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' हर भारतीय महिला के सम्मान और स्वाभिमान की नींव है। यह कानून विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में सबसे बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।