मंडी।
सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र के गोपालपुर के पास नैण-ठाणा गांव में कॉलेज छात्रा सिया गुलेरिया की निर्मम हत्या को लेकर अब सियासत गर्मा गई है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार और ग्रामीणों से मुलाकात के बाद एक चौंकाने वाला दावा किया है।
माकपा जिला सचिव भूपेंद्र सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) ने गांव के बस रूट बंद न किए होते, तो शायद आज सिया जीवित होती।
भूपेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि नैण-ठाणा गांव के लिए दिन में तीन बार बसें चलती थीं, लेकिन पिछले एक महीने से निगम ने इन सभी रूटों को अचानक बंद कर दिया है।बस न होने के कारण छात्रा सिया को कॉलेज जाने के लिए गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर गोपालपुर तक पैदल जाना पड़ता था।
इसी सुनसान पैदल रास्ते का फायदा उठाकर एक सिरफिरे नशेड़ी ने धारदार हथियार से उस पर हमला किया और उसकी जान ले ली।भूपेंद्र सिंह ने कड़ा रोष जताते हुए कहा कि ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय विधायक, कांग्रेस नेताओं और HRTC के क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) से बसें बहाल करने की गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी मांगों को अनसुना कर दिया गया।
यह गांव पूर्व मंत्री रंगीला राम राव और पूर्व विधायक लीला शर्मा का गृह क्षेत्र है। वर्तमान में यह मुख्यमंत्री के करीबी पवन ठाकुर का प्रभाव वाला इलाका है। इसके बावजूद एक साथ तीन बस रूट बंद होना कई सवाल खड़े करता है। इस लापरवाही के लिए HRTC के RM पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। — भूपेंद्र सिंह, सचिव, माकपा
प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत में ग्रामीणों ने बताया कि बसें बंद होने से केवल छात्र ही नहीं, बल्कि बुजुर्ग और महिलाएं भी बेहद परेशान हैं। माकपा ने सरकार से मांगें उठाई हैं नैण-ठाणा गांव के लिए बंद किए गए तीनों बस रूटों को तुरंत शुरू किया जाए।
गांव को जोड़ने वाली खस्ताहाल सड़क की तुरंत मरम्मत की जाए ताकि बसें सुचारू रूप से चल सकें। बस सेवा बंद करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
भूपेंद्र सिंह ने कहा कि एक होनहार बेटी का खोना पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो पार्टी ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेगी।