मंडी: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सोमवार को नेरचौक मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने सरकाघाट में हुई छात्रा हत्याकांड की मृतका के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान वे बेहद भावुक नजर आए और पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
जयराम ठाकुर ने इस घटना को दिल दहला देने वाला बताते हुए कहा कि घर से कुछ ही दूरी पर कॉलेज जा रही एक बेटी की निर्मम हत्या प्रदेश में कानून व्यवस्था के पूरी तरह बेपटरी होने का संकेत है।
उन्होंने कहा कि इस घटना ने न केवल पूरे प्रदेश को शर्मसार किया है, बल्कि उन सभी परिवारों में डर पैदा कर दिया है, जिनकी बेटियां पढ़ाई के लिए घर से बाहर जाती हैं। उन्होंने मांग की कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके।
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि उन्होंने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। परिजनों से बातचीत के दौरान उन्होंने घटना की जानकारी ली और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना पर शब्द भी उनका साथ नहीं दे रहे और एक पिता से नजरें मिलाना भी उनके लिए बेहद कठिन था। उन्होंने कहा कि वे पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
नशे के बढ़ते प्रकोप पर उठाए सवाल
जयराम ठाकुर ने कहा कि अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार आरोपी नशे का आदी था, जो प्रदेश में फैलती नशे की समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में गंभीरता की कमी है और केवल दिखावटी कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले नशा सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित था, लेकिन अब यह प्रदेश के हर हिस्से में फैल चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के कई मामलों में नशे से जुड़े अपराध सामने आए हैं, लेकिन सरकार ठोस कार्रवाई करने के बजाय केवल औपचारिकता निभा रही है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ सख्त और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है और यदि इसके लिए कानून में बदलाव की आवश्यकता होती है, तो भारतीय जनता पार्टी सरकार का समर्थन करेगी।
दूध बहाने की घटना पर सरकार को घेरा
मंडी के चक्कर प्लांट में पशुपालकों द्वारा दूध बहाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सरकार के दावों की पोल खोलने वाला मामला है। उन्होंने कहा कि सरकार दूध के दाम बढ़ाने और सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
उन्होंने कहा कि मंडी, रामपुर, आनी और बंजार जैसे क्षेत्रों में दूध खरीद और भुगतान को लेकर पशुपालकों को लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई बार उन्हें महीनों तक भुगतान नहीं मिलता, जिससे वे मजबूर होकर विरोध के तौर पर दूध सड़कों पर बहाने को विवश हो जाते हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि दूध उत्पादन में पशुपालकों की कड़ी मेहनत जुड़ी होती है और इस तरह की लापरवाही उनके साथ अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल प्रचार और चुनावी मंचों पर ही किसानों के हित की बात करती है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत है।