धर्मशाला।
भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा है। सोमवार को धर्मशाला में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान राणा ने प्रदेश में करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियों का मुद्दा उठाते हुए इनकी CBI जांच की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन संदिग्ध सौदों के तार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और अंतरराष्ट्रीय शहर दुबई से जुड़े हुए हैं।
राजेंद्र राणा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) लैंड डील का अड्डा बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में बेनामी सौदे किए जा रहे हैं।
राणा ने कहा पिछले साढ़े तीन वर्षों (पूर्व के कार्यकाल सहित) के दौरान प्रदेश में तबादला माफिया, भू-माफिया और वन-माफिया पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं। हिमाचल को 'ऑन सेल' पर लगा दिया गया है और प्रदेश की संपत्तियों को लूटा जा रहा है।
राजेंद्र राणा ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री के करीबियों और 'मित्रों' का जिक्र करते हुए कहा कि उनके नाम पर अर्जित संपत्तियों की गहनता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार केवल अपने मित्रों को उपकृत करने में जुटी है, चाहे वह नियुक्तियों के मामले में हो या अन्य लाभ देने में।
सरकार पशु मित्र, वन मित्र, बिजली मित्र और अब आपदा मित्रों के नाम पर चहेतों की भर्तियाँ कर रही है।
प्रदेश की माली हालत का जिक्र करते हुए राजेंद्र राणा ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल को लगभग 41 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। उन्होंने सवाल उठाया कि राजस्व से अर्जित पैसा और केंद्र की मदद कहाँ खर्च की गई? उन्होंने चिंता जताई कि संसाधनों के बावजूद सरकार फिर से कर्ज लेने की तैयारी में है।