राजपूत महासभा हिमाचल प्रदेश ने चंबा जिले के तीसा क्षेत्र के एक विद्यालय में सामाजिक मेले के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नाटक को लेकर उत्पन्न विवाद पर आपात आभासी बैठक आयोजित की। बैठक में इस पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के बाद राजपूत महासभा हिमाचल प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष ई.के.एस. जम्वाल और राजपूत सभा जिला मंडी के प्रधान डॉ. अमर सिंह गुलेरिया ने संयुक्त वक्तव्य जारी कर प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी या अनुचित कार्रवाई से बचा जाए।
नाट्य प्रस्तुति को बताया सामाजिक मुद्दों पर रचनात्मक प्रयास
महासभा ने कहा कि विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नाटक समाज में प्रचलित आरक्षण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने रखने का एक रचनात्मक माध्यम था। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सामाजिक विषयों पर विचार रखना और नाटक, साहित्य तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाना संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है।
महासभा ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार पर दबाव बनाकर स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की जा रही है। महासभा के अनुसार ऐसी मांगें समाज में अनावश्यक तनाव और आपसी द्वेष को बढ़ावा दे सकती हैं।
विद्यार्थियों और शिक्षकों पर कार्रवाई का किया विरोध
राजपूत महासभा ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों, अध्यापकों और विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई उचित नहीं होगी। महासभा का कहना है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में रचनात्मक सोच और स्वतंत्र वातावरण प्रभावित हो सकता है।
महासभा ने यह भी कहा कि सामान्य वर्ग समाज समय-समय पर संगोष्ठियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अपने सामाजिक और नीतिगत मुद्दों को उठाता रहा है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत करना होता है।
कार्रवाई होने पर आंदोलन की चेतावनी
महासभा ने चेतावनी दी कि यदि विद्यार्थियों, शिक्षकों या विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध कोई अन्यायपूर्ण कार्रवाई की जाती है तो संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहते हुए जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन सहित आगे की रणनीति तय करेगा।
संगठन ने प्रदेश के जनप्रतिनिधियों से भी इस मामले में अपनी निष्पक्ष स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया है।
बैठक में ये लोग रहे मौजूद
आपात बैठक में प्रदेशाध्यक्ष ई.के.एस. जम्वाल, मंडी जिला अध्यक्ष डॉ. अमर सिंह गुलेरिया, ई.डी.के. चंदेल, संयुक्त सचिव रविंद्र सिंह गुलेरिया, ई. शमशेर सिंह मन्हास, हेम सिंह ठाकुर, रमेश मेहता, पराशर, नरोत्तम रावत, लछमन सिंह वर्मा, राजेंद्र सेन और प्रेमलाल वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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