नूरपुर में तेज बारिश के बीच भरभरा कर गिरा गरीब का मकान, बाल-बाल बची मांगों राम की जान

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नूरपुर में तेज बारिश के बीच भरभरा कर गिरा गरीब का मकान, बाल-बाल बची मांगों राम की जान

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जड़ा गांव में रात को सो रहे थे मांगों राम, दीवारों से ईंटें गिरने की आहट मिलते ही भागकर बचाई जान; घर का सारा सामान मलबे में दबा, प्रशासन ने मदद का दिया भरोसा

विधानसभा नूरपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरूही के गांव जड़ा में बीती रात तेज बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां घर के अंदर सो रहे मांगों राम का मकान अचानक भरभरा कर गिर गया। गनीमत रही कि मकान की दीवारों से ईंटें गिरने की आवाज सुनते ही उन्होंने खतरे को भांप लिया और किसी तरह घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली।

मांगों राम के बाहर निकलते ही कुछ ही देर में पूरा मकान धड़ाम से गिर पड़ा और देखते ही देखते उनका आशियाना मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। हादसे के बाद घर में रखा रोजमर्रा का सामान और अन्य जरूरी सामान भी मलबे के नीचे दब गया है।

दीवारों से ईंटें गिरने लगीं, खतरा भांपकर बाहर भागे

जड़ा निवासी मांगों राम पुत्र खोजू राम ने बताया कि वह रात के समय अपने घर के अंदर सो रहे थे। इसी दौरान अचानक मकान की दीवारों से ईंटें गिरने लगीं। स्थिति को भांपते हुए उन्होंने बिना देर किए घर से बाहर निकलने का प्रयास किया।

उन्होंने बताया कि जैसे ही वह मकान से बाहर निकले, पूरा घर भरभरा कर गिर गया। अगर वह समय रहते बाहर नहीं निकलते तो बड़ा हादसा हो सकता था।

मकान के साथ जरूरी सामान भी मलबे में दबा

मकान गिरने के बाद मांगों राम के सामने अब रहने और खाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। उनका रोजमर्रा का सामान और घर में रखा अन्य जरूरी सामान मलबे के नीचे दब गया है।

मांगों राम के मुताबिक यदि दोबारा बारिश होती है तो मलबे में दबे बचे हुए सामान के भी खराब होने का खतरा है। ऐसे में उन्हें तत्काल राहत और सुरक्षित रहने के लिए स्थान की जरूरत है।

बीपीएल परिवार से हैं मांगों राम, मजदूरी कर करते हैं गुजारा

मांगों राम ने बताया कि वह बीपीएल परिवार से हैं और मेहनत-मजदूरी करके अपना गुजारा करते हैं। वह घर में अकेले रहते हैं। आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण मकान गिरने के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनका मकान मंजूर हुआ है और पहली किश्त भी उनके खाते में आ चुकी है। हालांकि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह सरकारी सहायता मिलने के बावजूद मकान का निर्माण पूरा करवाने में असमर्थ हैं।

अब अचानक पुराना मकान गिर जाने के बाद उनके सामने सिर छिपाने तक की समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता के साथ सुरक्षित रहने की व्यवस्था करवाने की मांग की है।

पंचायत प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर लिया नुकसान का जायजा

घटना की जानकारी मिलते ही ग्राम पंचायत बरूही के जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। पंचायत प्रतिनिधियों ने मकान गिरने से हुए नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित मांगों राम की स्थिति की जानकारी ली।

मौके पर पहुंचे पंचायत उपप्रधान पिकां धिमान ने बताया कि मांगों राम अकेले रहते हैं और उन्हें बीपीएल सूची में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके खाते में पहली किश्त भी डाली जा चुकी है, लेकिन बेहद कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वह मकान का निर्माण नहीं करवा पा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि बीती रात तेज बारिश के दौरान मांगों राम का पूरा मकान गिर गया। घर में रखा रोजमर्रा का सामान और अन्य जरूरी सामान भी मलबे में दब गया है। उन्होंने प्रशासन से मांगों राम को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की।

एसडीएम बोले- प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद दी जाएगी

नूरपुर एसडीएम अरुण शर्मा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन की टीम को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से जो भी संभव सहायता होगी, वह प्रभावित व्यक्ति को तत्काल उपलब्ध करवाई जाएगी।

एसडीएम ने यह भी कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से मांगों राम के लिए रहने और खाने की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि मकान गिरने के बाद उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सरकारी आवास योजना के लाभ के बावजूद अधूरा रह गया मकान

यह मामला सरकारी आवास योजना के लाभ और वास्तविक जरूरत के बीच मौजूद चुनौती को भी सामने लाता है। मांगों राम के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत होने और पहली किश्त मिलने के बावजूद कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वह निर्माण कार्य पूरा नहीं कर पाए।

अब मकान पूरी तरह गिर जाने के बाद उनके सामने सुरक्षित आश्रय की तत्काल जरूरत है। ऐसे में परिवार और पंचायत प्रतिनिधियों की उम्मीदें प्रशासन की राहत व्यवस्था पर टिकी हैं।

बारिश के बीच प्रशासन से तत्काल राहत की उम्मीद

फिलहाल मांगों राम के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित रहने की जगह और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की है। घर के मलबे में जरूरी सामान दबा होने के कारण उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित व्यक्ति को नियमों के तहत जल्द से जल्द राहत उपलब्ध करवाई जाए और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत मकान का निर्माण पूरा करवाने के लिए भी आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।

मकान गिरने की इस घटना में गनीमत यह रही कि मांगों राम समय रहते घर से बाहर निकल गए और उनकी जान बच गई। अब उम्मीद है कि प्रशासन की ओर से जल्द राहत मिलने के बाद उन्हें सुरक्षित आश्रय मिल सकेगा।

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