दोपहर करीब 12 बजे अचानक भड़की आग ने देखते ही देखते लिया विकराल रूप, स्थानीय लोगों ने बुझाने का किया प्रयास; हादसे में जनहानि नहीं
शिमला जिले के जुब्बल क्षेत्र के चराऊ गांव में आज दोपहर करीब 12 बजे अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लोकेंद्र चौहान के घर में लगी और देखते ही देखते उसने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि आसपास के लोगों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद कुछ ही समय में दोनों मकान आग की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए, लेकिन आग की भयावहता के कारण दोनों मकानों को बचाया नहीं जा सका।
देखते ही देखते आग ने लिया विकराल रूप
स्थानीय लोगों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का पर्याप्त मौका नहीं मिला। मकानों से उठती आग की लपटों को देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
लोगों ने आग को फैलने से रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन आग ने दोनों मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में दोनों मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए।
दो मकान जलकर राख, परिवार को भारी नुकसान
इस अग्निकांड में लोकेंद्र चौहान के दो मकानों के पूरी तरह जलने से परिवार को भारी नुकसान हुआ है। आग में मकानों के भीतर रखा सामान और अन्य घरेलू संपत्ति भी जलने की आशंका है। आग की भयावहता को देखते हुए नुकसान काफी अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
हालांकि, अभी आगजनी से हुए कुल नुकसान का आधिकारिक आकलन सामने नहीं आया है। प्रशासन और संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा ले रही है।
हादसे में नहीं हुई जनहानि
भीषण अग्निकांड के बीच राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इसमें किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। आग लगने के समय परिवार के सदस्य कहां थे और उन्हें किस तरह सुरक्षित बाहर निकाला गया, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली कि आग की चपेट में आने के बावजूद किसी व्यक्ति की जान नहीं गई।
आग लगने के कारणों का पता नहीं
फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। संबंधित विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर आगजनी के कारणों की जांच कर रही है। आग शॉर्ट सर्किट, गैस या किसी अन्य वजह से लगी, इसका पता जांच के बाद ही चल पाएगा।
प्रशासन की टीम द्वारा आग से हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। नुकसान की रिपोर्ट तैयार होने के बाद प्रभावित परिवार को नियमानुसार राहत उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का आकलन
घटना के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया। टीम द्वारा जले हुए मकानों और संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की है। फिलहाल पूरे गांव में आग की घटना को लेकर चिंता का माहौल है, जबकि आग लगने के कारणों की जांच जारी है।
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