किइनवान प्राइवेट लिमिटेड पर अपशिष्ट जल, रासायनिक कचरा और भूजल दोहन के आरोप; सिरमौर में कथित अवैध निर्माण व मलबा डंपिंग की होगी जांच
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की प्रधान पीठ, नई दिल्ली ने हिमाचल प्रदेश में दो अलग-अलग मामलों में कथित पर्यावरणीय उल्लंघनों को गंभीरता से लेते हुए महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं।
एक मामले में सोलन जिले के नालागढ़ स्थित किइनवान प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया गया है, जबकि दूसरे मामले में सिरमौर जिले में कथित पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
नालागढ़ की फार्मा कंपनी पर गंभीर आरोप
सोलन जिले के नालागढ़ तहसील के पलासरा गांव स्थित औषधि निर्माण इकाई किइनवान प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दायर आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने पर्यावरणीय स्वीकृति (Environmental Clearance) प्राप्त करने के दौरान गलत जानकारी दी।
याचिका के अनुसार, कंपनी ने दावा किया था कि इकाई से कोई अपशिष्ट जल उत्पन्न नहीं होगा और आसपास कोई जल स्रोत नहीं है, जबकि चिकनी खड्ड, जो सरसा नदी की सहायक धारा है, इकाई के निकट मौजूद है।
आवेदन में यह भी आरोप है कि जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) इकाई होने के बावजूद कथित रूप से अपशिष्ट जल और रासायनिक कचरे का निर्वहन चिकनी खड्ड में किया जा रहा है। इसके अलावा छह बोरवेलों के माध्यम से भूजल दोहन, विषैले अपशिष्ट के अनुचित निस्तारण, मछलियों की मौत और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।
12 अक्टूबर 2026 को होगी अगली सुनवाई
NGT ने मामले को पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय मानते हुए सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। यह आदेश 31 जुलाई 2026 को न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने पारित किया। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है।
सिरमौर में पर्यावरणीय उल्लंघनों की होगी जांच
दूसरे मामले में NGT ने सिरमौर जिले में नदियों और अन्य जल स्रोतों के समीप कथित अवैध खनन निरीक्षण चौकी, वेब्रिज निर्माण और मलबा डंपिंग के आरोपों की जांच के निर्देश दिए हैं।
अधिकरण ने जिला मजिस्ट्रेट एवं उपायुक्त, सिरमौर को शिकायत की निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। यदि जांच में पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो दो माह के भीतर सुधारात्मक और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
NGT ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों और जल स्रोतों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube