शिमला।
मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष (भाजपा) द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश पूरे देश में सुरक्षित राज्यों की श्रेणी में अग्रणी है।
उन्होंने अपने बेटे के अपहरण के प्रयास का उदाहरण देते हुए पुलिस की त्वरित कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की और बताया कि कैसे पुलिस ने किडनैपर्स के मंसूबों को नाकाम किया।
नरेश चौहान ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि उनके बेटे को किडनैप करने का प्रयास किया गया था, जो पूरी तरह से फिरौती (Ransom) का मामला था। आरोपी पिछले चार-पांच महीनों से लगातार रेकी कर रहे थे और बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस मामले में 4-5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वे अन्य कई गंभीर मामलों में भी संलिप्त पाए गए हैं। चौहान ने कहा कि पुलिस ने मुस्तैदी से काम किया और कानून ने अपना काम पूरी पारदर्शिता से निभाया है।
विपक्ष द्वारा कानून व्यवस्था पर दिए जा रहे बयानों को नरेश चौहान ने 'प्रोपेगेंडा' करार दिया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा इस तरह की बयानबाजी से देवभूमि की छवि खराब होती है, जिसका सीधा नकारात्मक असर पर्यटन (Tourism) और निवेश (Investment) पर पड़ता है।
सरकार के साढ़े तीन साल के कार्यकाल में भाजपा के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे काल्पनिक डर पैदा कर रहे हैं।
नरेश चौहान ने भाजपा को सलाह दी कि वे राजनीतिक दृष्टि से ऊपर उठकर कार्य करें। उन्होंने कहा अगर भाजपा को वास्तव में प्रदर्शन करना है, तो RDG (Revenue Deficit Grant) के मुद्दे पर केंद्र के खिलाफ करें। आरडीजी बंद होने से प्रदेश की आर्थिकी पर बुरा असर पड़ा है। यदि भाजपा जनहित के इस मुद्दे पर आवाज उठाती है, तो सरकार भी उनका पूरा साथ देगी।
नरेश चौहान ने साफ किया कि प्रदेश में घटित होने वाली किसी भी अप्रिय घटना पर पुलिस तत्काल एक्शन लेती है और उसे तार्किक अंजाम तक पहुंचाती है। उन्होंने भाजपा से आग्रह किया कि केवल सत्ता के लालच में हिमाचल की साख को धूमिल न करें।