चिंतपूर्णी।
उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता चिंतपूर्णी मंदिर में भक्तों की अटूट आस्था का एक और अनुपम उदाहरण देखने को मिला है। पंजाब के लुधियाना से आए एक श्रद्धालु ने अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर माता रानी के चरणों में 11 तोले सोने का भव्य छत्र भेंट किया है।
मनोकामना पूरी होने पर निभाया संकल्प
जानकारी के अनुसार, लुधियाना निवासी इस श्रद्धालु ने कुछ समय पूर्व माता के दरबार में हाजिरी भरी थी और अपनी एक विशेष मनोकामना पूर्ण होने की मन्नत मांगी थी। मुराद पूरी होने के बाद, श्रद्धालु अपने परिवार सहित मंदिर पहुंचे और माता का आभार व्यक्त किया।
विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना
श्रद्धालु परिवार ने मंदिर के पुजारियों के सानिध्य में पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात, 11 तोले वजनी स्वर्ण छत्र को मंदिर प्रशासन को सौंपा गया, जिसे माता की पावन पिंडी के ऊपर सुशोभित किया गया।
श्रद्धा का केंद्र है माता का दरबार
मंदिर प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि माता चिंतपूर्णी के प्रति देश-विदेश के भक्तों में अगाध श्रद्धा है। आए दिन श्रद्धालु अपनी क्षमता और श्रद्धा के अनुसार स्वर्ण, रजत और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं मंदिर में अर्पित करते हैं।
भक्तों द्वारा चढ़ाई गई यह भेंट उनकी अटूट आस्था का प्रतीक है। मंदिर में आने वाले हर श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
माता चिंतपूर्णी को 'छिन्नमस्तिका' के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि यहाँ जो भी भक्त सच्चे मन से अपनी झोली फैलाता है, माता उसकी सभी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण करती हैं।