शिमला।
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों की घोषणा के साथ ही सियासी पारा चढ़ गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा 31 मई से पहले चुनाव कराने के ऐलान के बाद कांग्रेस संगठन अब पूरी तरह आक्रामक मोड में है।
शनिवार को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार ने जहाँ एक ओर भाजपा के आरोपों पर तीखा पलटवार किया, वहीं दूसरी ओर अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं को अनुशासन की 'लक्ष्मण रेखा' याद दिलाई।
विनय कुमार ने भाजपा द्वारा चुनाव टालने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विपक्षी दल केवल जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया जब मुख्यमंत्री ने सदन में 31 मई तक चुनाव कराने का ऐलान कर दिया है, तो भाजपा का शोर मचाना बेमानी है।
प्रदेश की 95 प्रतिशत ग्रामीण जनता सरकार की नीतियों और बजट से संतुष्ट है, जिससे भाजपा में बौखलाहट और डर का माहौल है।
संगठन की मजबूती पर जोर देते हुए विनय कुमार ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि चुनाव के दौरान अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जो भी व्यक्ति पार्टी विरोधी गतिविधियों (Anti-party activities) में संलिप्त पाया जाएगा, उसका नाम तुरंत अनुशासन समिति को भेजा जाएगा। चुनाव में पार्टी की छवि खराब करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। — विनय कुमार, प्रदेशाध्यक्ष
आगामी रणनीति का खुलासा करते हुए प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि संगठन जल्द ही बड़े स्तर पर नियुक्तियां और तैनातियां करेगा। महासचिवों और उपाध्यक्षों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का जिम्मा सौंपा जाएगा।
ये नेता धरातल पर जाकर कमेटियों का गठन करेंगे और केवल उन्हीं चेहरों को टिकट दिया जाएगा जिनकी पकड़ जमीनी स्तर पर मजबूत है। विनय कुमार ने दावा किया कि वर्तमान प्रधानों और बीडीसी सदस्यों का एक बड़ा वर्ग कांग्रेस के साथ खड़ा है।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब चुनावों को लेकर संशय खत्म हो चुका है। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह चुनावी मैदान में न केवल भाजपा से लड़ने के लिए तैयार है, बल्कि अपने घर को भी अनुशासन के जरिए दुरुस्त रखने के लिए प्रतिबद्ध है।