कुल्लू
मनाली के विश्व प्रसिद्ध और जोखिमभरे देव टिब्बा ट्रैकिंग क्षेत्र में एक विदेशी पर्यटक के साथ गंभीर हादसा होने की खबर सामने आई है। इंग्लैंड (ब्रिटेन) का रहने वाला एक नागरिक ट्रैकिंग के दौरान संतुलन बिगड़ने से गहरी खाई में गिर गया।
हादसे में पर्यटक को गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमों ने बेहद दुर्गम क्षेत्र में कई घंटों तक चले कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद घायल पर्यटक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
पैर फिसलने से अनियंत्रित होकर खाई में गिरा ब्रिटिश नागरिक
जानकारी के अनुसार, इंग्लैंड का रहने वाला जॉर्ज रिचमंड अपने साथियों के साथ देव टिब्बा के कठिन और ऊंचाई वाले रास्ते पर ट्रैकिंग कर रहा था। इसी दौरान एक बेहद संकरे और ढलान वाले पहाड़ी रास्ते पर अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पैर फिसलने के कारण सीधे नीचे गहरी खाई में जा गिरा।
जॉर्ज को गिरता देख उसके साथ मौजूद अन्य साथियों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन और पुलिस को दी।
बेहद चुनौतीपूर्ण रहा बचाव अभियान, अस्पताल में इलाज जारी
खाई में गिरे विदेशी पर्यटक को बचाने के लिए प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला। घटना की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन दल, फायर ब्रिगेड और स्थानीय रेस्क्यू एक्सपर्ट्स की संयुक्त टीम को तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया।
अत्यधिक ऊंचाई और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू टीम को घायल पर्यटक तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने खाई में उतरकर जॉर्ज रिचमंड तक पहुंच बनाई।
टीम ने पहले उसे मौके पर ही प्राथमिक उपचार (First Aid) दिया और फिर स्ट्रेचर के माध्यम से रस्सी के सहारे सुरक्षित मुख्य मार्ग तक ऊपर लेकर आए। वहां से उन्हें तुरंत मनाली अस्पताल पहुंचाया गया, जहां फिलहाल डॉक्टरों की विशेष निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। कुल्लू के पुलिस अधीक्षक (SP) मदन लाल कौशल ने मामले की आधिकारिक पुष्टि की है।
जोखिमभरा है देव टिब्बा ट्रैक: गाइड के बिना न जाएं
देव टिब्बा क्षेत्र अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) के लिए देश-विदेश के ट्रैकर्स के बीच बेहद लोकप्रिय है। हालांकि, यहाँ के रास्ते जितने खूबसूरत हैं, उतने ही खतरनाक और दुर्गम भी हैं।
बदलते मौसम और कठिन चढ़ाई को देखते हुए कुल्लू प्रशासन ने सभी पर्यटकों और ट्रैकर्स से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें और बिना किसी प्रशिक्षित स्थानीय गाइड के इन जोखिमभरे रास्तों पर ट्रैकिंग के लिए न निकलें।