मंडी
भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों और वैश्विक बाजार की मांग को देखते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT Mandi) एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। आईआईटी मंडी आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कई नए और रोजगारपरक बीटेक पाठ्यक्रम (B.Tech Courses) शुरू करने की पूरी तैयारी कर चुका है।
संस्थान द्वारा शुरू किए जाने वाले इन हाई-टेक कोर्सेज में 'क्वांटम साइंस एंड इंजीनियरिंग' (Quantum Science and Engineering) जैसा बेहद आधुनिक और एडवांस कोर्स मुख्य आकर्षण है।
यह नया पाठ्यक्रम छात्रों को भविष्य की सुपर-कंप्यूटिंग, कोडिंग और अत्याधुनिक वैज्ञानिक रिसर्च के लिए पूरी तरह तैयार करेगा, जिससे उन्हें जोसा (JoSAA) काउंसलिंग के दौरान इस प्रतिष्ठित संस्थान को चुनने के और भी आकर्षक विकल्प मिलेंगे।
नए जमाने की तकनीकों और व्यावहारिक ज्ञान पर होगा फोकस
आईआईटी मंडी प्रबंधन के अनुसार, पारंपरिक इंजीनियरिंग कोर्सेज के साथ-साथ अब छात्रों को ऐसे उभरते हुए क्षेत्रों में विशेषज्ञता (Specialization) प्रदान की जाएगी, जिनकी मांग वैश्विक स्तर पर बहुत तेजी से बढ़ रही है।
इन नए पाठ्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल थ्योरी (किताबी ज्ञान) तक सीमित न रखकर, व्यावहारिक और उद्योग-उन्मुख (Industry-oriented) कौशल सिखाना है। क्वांटम साइंस एंड इंजीनियरिंग के अलावा, कुछ अन्य इंटर-डिसिप्लिनरी (अंतःविषय) कोर्सेज भी इस सूची में शामिल किए जा रहे हैं,
जो मुख्य रूप से डेटा साइंस, एडवांस्ड कंप्यूटेशन, डेटा एनालिटिक्स, रोबोटिक्स, सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी और नैनो-टेक्नोलॉजी के बेहतरीन मिश्रण पर आधारित होंगे।
राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को मिलेगी मजबूती, खुलेंगे नौकरियों के द्वार
विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र सरकार के 'राष्ट्रीय क्वांटम मिशन' (National Quantum Mission) को मजबूती देने की दिशा में आईआईटी मंडी का यह कदम बेहद मील का पत्थर साबित होगा।
क्वांटम कंप्यूटिंग आने वाले समय में साइबर सुरक्षा, बैंकिंग, एआई इंडस्ट्री, ऑटोमेशन और मेडिकल साइंस की पूरी तस्वीर बदलने वाली है। ऐसे में समय रहते इस कोर्स को शुरू करने से देश के युवाओं को बड़ी टेक कंपनियों (Tech Giants) और क्वांटम लैब्स में शीर्ष पदों पर काम करने के शानदार अवसर मिलेंगे।
साथ ही, न्यू-टेक स्टार्टअप्स के इस दौर में छात्रों के लिए रोजगार के असीमित रास्ते खुलेंगे और उन्हें भारत में ही उच्च स्तरीय अनुसंधान (Research) को आगे बढ़ाने के बेहतरीन मौके मिलेंगे।
देश में न्यू-एज टेक्नोलॉजी का हब बनेगा आईआईटी मंडी
इस पहल के साथ ही आईआईटी मंडी देश में न्यू-एज टेक्नोलॉजी और रिसर्च का एक बड़ा हब बनने की ओर अग्रसर है। संस्थान का यह नया ढांचा न केवल भारतीय तकनीकी शिक्षा के स्तर को सुधारेगा, बल्कि उद्योग जगत की जरूरतों और शिक्षा के बीच के अंतर को भी पाट देगा।
नए कोर्सेज की रूपरेखा को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छात्र स्नातक होते ही सीधे कॉपोरेट जगत या एडवांस रिसर्च लैब्स में अपनी सेवाएं देने के काबिल हो सकें। बहरहाल, आईआईटी मंडी के इस फैसले से तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उभरा है।