शिमला जिले के कोटखाई में रसोई गैस की अनियमित सप्लाई को लेकर सियासत गरमा गई है। सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारें, घंटों इंतजार और कई बार खाली हाथ लौटने की शिकायतों को लेकर भाजपा ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बुधवार को भाजपा नेता चेतन बरागटा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने कोटखाई एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कोटखाई की 27 पंचायतों में घरेलू गैस की नियमित और पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। प्रदर्शन के बाद भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार से मुलाकात कर अपनी मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं।
भाजपा नेता चेतन बरागटा ने कहा कि कोटखाई क्षेत्र में करीब 12 हजार घरेलू गैस कनेक्शन हैं, जबकि हर महीने लगभग 7 हजार सिलेंडरों की जरूरत पड़ती है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को समय पर रसोई गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि क्षेत्र में गैस की कमी नहीं है, तो फिर लोगों को सिलेंडर लेने के लिए इतनी परेशानी का सामना क्यों करना पड़ रहा है।
चेतन बरागटा ने आरोप लगाया कि करीब एक महीने पहले भी प्रशासन के समक्ष गैस सप्लाई का मुद्दा उठाया गया था, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने गैस की मांग, आवंटन, परिवहन और वितरण की पूरी व्यवस्था की जांच करने की मांग की, ताकि अनियमित सप्लाई की वास्तविक वजह सामने आ सके।
भाजपा ने अब प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। चेतन बरागटा ने चेतावनी दी कि यदि तय समय के भीतर कोटखाई क्षेत्र में रसोई गैस की नियमित और पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो भाजपा कार्यकर्ता भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
गैस सप्लाई का यह मुद्दा अब केवल उपभोक्ताओं की परेशानी तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसे लेकर क्षेत्र में राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। ऐसे में अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई और भाजपा की 15 दिन की डेडलाइन पर टिकी है।
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