कांगड़ा जिले में आगामी दिनों में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मौसम विभाग द्वारा 20 जुलाई के लिए ऑरेंज और 21 व 22 जुलाई के लिए रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद उपायुक्त हेमराज बैरवा की अध्यक्षता में रविवार को जिला स्तरीय उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सभी विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मशीनरी, उपकरण और पर्याप्त मैनपावर तैयार रखने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि पिछले वर्षों में मानसून के दौरान हुए नुकसान को देखते हुए इस बार किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की कि वे भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, खड्डों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और अन्य जोखिम वाले स्थानों से दूर रहें तथा प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें।
जिला और उपमंडल स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेंगे तथा किसी भी आपात स्थिति में लोग टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क कर सकते हैं। डीसी ने एसडीएम, एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को संवेदनशील सड़कों एवं पुलों की लगातार निगरानी करने,
भूस्खलन की स्थिति में तुरंत मार्ग बहाल करने तथा जहां आवश्यक हो वहां वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य एवं खाद्य आपूर्ति विभाग को आवश्यक दवाइयों और खाद्य सामग्री का पर्याप्त भंडारण रखने, जबकि पौंग डैम प्रबंधन को पानी छोड़े जाने से पहले निचले क्षेत्रों को समय पर सूचना देने के निर्देश भी
दिए गए। इसके अलावा बाढ़ संभावित पंचायतों में हूटर, चेतावनी संकेत और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में पुलिस, एसडीआरएफ, होमगार्ड, सभी एसडीएम और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया तथा मानसून से उत्पन्न किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई।
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