धर्मशाला।
जिला कांगड़ा के कमर्शियल वाहन ऑपरेटरों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वाहन पासिंग की नई व्यवस्था (ATS) के विरोध में आगामी 6 अप्रैल को जिले भर में टैक्सियों, ऑटो और बसों के पहिए थमे रहेंगे। ऑपरेटरों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे धर्मशाला में एकत्रित होकर उग्र प्रदर्शन करेंगे।
वीरवार को जिला भर की टैक्सी यूनियनों के प्रतिनिधि उपायुक्त (DC) कार्यालय पहुंचे थे। उनकी मुख्य मांग है कि वाहन पासिंग की सुविधा, जो वर्तमान में केवल रानीताल के गाहलियां (ATS) में दी जा रही है, उसे बंद कर पूर्व की भांति जिला के 21 विभिन्न स्थानों पर बहाल किया जाए।
ऑपरेटरों का आरोप है कि जिलाधीश (DC) कांगड़ा के साथ हुई बैठक में उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिससे नाराज होकर चालकों ने डीसी कार्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी की।
मैक्लोडगंज टैक्सी यूनियन के प्रधान अशोक शर्मा ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा सरकार टैक्सी ऑपरेटरों की जायज मांगों को अनसुना कर रही है। गाहलियां (ATS) में वाहन पासिंग के लिए जाने में चालकों को भारी परेशानी हो रही है और वहां सुविधाओं का अभाव है।
विशेषकर ऑटो चालकों के लिए, जिनका परमिट ही मात्र 20 किलोमीटर का होता है, इतनी दूर पासिंग के लिए जाना नामुमकिन है।
एटीएस (ATS) के बजाय पहले की तरह 21 चिन्हित जगहों पर वाहन पासिंग की सुविधा मिले। दूर-दराज के क्षेत्रों से गाहलियां पहुंचना आर्थिक और व्यावहारिक रूप से कठिन। गाहलियां केंद्र पर बुनियादी सुविधाओं की कमी का आरोप।
6 अप्रैल को होने वाली इस हड़ताल में टैक्सी, ऑटो और निजी बस ऑपरेटर शामिल रहेंगे। ऐसे में पर्यटकों और स्थानीय जनता को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि इस हड़ताल से होने वाली असुविधा के लिए पूरी तरह से सरकार और प्रशासन जिम्मेदार होगा।