मंडी
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और अद्वितीय पराक्रम को भावपूर्ण नमन किया है।
मीडिया को जारी एक प्रेस बयान में उन्होंने इस ऐतिहासिक सैन्य अभियान को 'आत्मनिर्भर भारत' की सैन्य शक्ति का प्रतीक बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की संप्रभुता अब पूरी तरह सुरक्षित है।
22 मिनट में आतंकियों का सफाया: सैन्य शक्ति का नया मानक
जयराम ठाकुर ने एक वर्ष पूर्व पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले को याद करते हुए कहा कि उस समय पूरा देश आक्रोशित था। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने आतंक को उसके मूल केंद्र पर ही कुचलने का मार्ग चुना।
मात्र 22 मिनट के भीतर भारतीय जांबाजों ने जिस सटीकता से नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर 100 से अधिक आतंकवादियों का सफाया किया, वह आधुनिक सैन्य इतिहास का एक नया वैश्विक मानक बन गया है।
जल, थल और वायु सेना का बेजोड़ तालमेल
नेता प्रतिपक्ष ने इस अभियान की सफलता के पीछे तीनों सेनाओं के गहरे तालमेल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि जल, थल और वायु सेना ने एक साथ प्रहार किया, जिससे दुश्मन को संभलने का एक भी मौका नहीं मिला।
ठाकुर ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस जटिल मिशन में स्वदेशी रक्षा तकनीक और हथियारों का उपयोग किया गया, जो भारत की आत्मनिर्भरता का प्रमाण है।
जयराम ठाकुर ने सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनके साहस पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, हमारी बहादुर महिला सैन्य अधिकारियों ने जिस तरह से इस अभियान के दौरान देश को पल-पल की जानकारी दी और मोर्चे पर डटी रहीं, उसने दुनिया के सामने भारतीय मातृ शक्ति की ताकत का लोहा मनवाया है। आज हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा है।
राष्ट्र प्रथम की भावना और अटूट संकल्प
ठाकुर ने जोर देकर कहा कि आज भारत न केवल सीमाओं पर चौकस है, बल्कि अपनी रक्षा जरूरतों के लिए स्वयं समर्थ और सशक्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता हमें निरंतर प्रेरणा देती है कि जब राष्ट्र का नेतृत्व साहसी हो और सेना का मनोबल ऊंचा हो, तो कोई भी चुनौती हिमालय जैसी अडिग इच्छाशक्ति को नहीं डिगा सकती।