शिमला।
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। लांबा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) को तुरंत लागू न करने पर भाजपा को 'महिला विरोधी' करार दिया।
उन्होंने मांग उठाई कि इस अधिनियम को आगामी परिसीमन का इंतजार किए बिना 543 सीटों के आधार पर तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का रुख विशेष रूप से ओबीसी (OBC) महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है।
'चलो संसद' अभियान और 10 लाख पोस्ट कार्ड
केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए महिला कांग्रेस ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन का खाका तैयार किया है। अलका लांबा ने ऐलान किया कि 'चलो संसद' नारे के साथ देशभर की 10 लाख महिलाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पोस्ट कार्ड भेजकर अपनी आवाज बुलंद करेंगी।
इसी कड़ी में जुलाई माह में हजारों महिलाएं दिल्ली कूच कर संसद का घेराव करेंगी। संगठन ने इस अभियान को धार देने के लिए आज से एक विशेष 'मिस कॉल अभियान' की भी शुरुआत कर दी है, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को इस आंदोलन से जोड़ा जा सके।
परिसीमन और टैलेंट हंट पर केंद्र को घेरा
अलका लांबा ने केंद्र सरकार की परिसीमन नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार चुनावी फायदों के लिए परिसीमन बिल थोपना चाहती है। उन्होंने प्रश्न किया कि जब 2026 की जनगणना प्रस्तावित है, तो 2011 के आंकड़ों को आधार क्यों बनाया जा रहा है?
साथ ही उन्होंने घोषणा की कि आगामी चुनावों में हिमाचल की महिलाओं को आरक्षित सीटों पर प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए महिला पार्षदों को विधानसभा और लोकसभा के लिए तैयार करने हेतु एक विशेष 'टैलेंट हंट' अभियान शुरू किया जाएगा।
महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरने का ऐलान
राजनैतिक मुद्दों के साथ-साथ महिला कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई को लेकर भी सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। अलका लांबा ने कहा कि चुनाव खत्म होते ही कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में एक हजार रुपये की भारी वृद्धि और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि रसोई के बढ़ते बजट और महंगाई के खिलाफ महिला कांग्रेस जल्द ही सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेगी।