शिमला।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश की चरमराती आर्थिक स्थिति और मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता पर विस्तृत चर्चा की। दिल्ली से लौटते ही जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस आलाकमान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश वर्तमान में अपने इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक दौर से गुजर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार की गलत नीतियों और फिजूलखर्ची के कारण प्रदेश 'वित्तीय आपातकाल' की कगार पर खड़ा है।
जयराम ने मुद्दा उठाया कि मंत्रियों और विधायकों के वेतन को टालना (defer करना) इस बात का प्रमाण है कि खजाना खाली हो चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि केंद्र द्वारा दी जा रही मदद के बावजूद प्रदेश सरकार विकास कार्यों को गति देने में विफल रही है।
हिमाचल सरकार द्वारा हाल ही में कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित ड्रेस कोड और राहुल गांधी की टिप्पणियों पर जयराम ठाकुर ने बेहद तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा जो लोग देश में दूसरों को अनुशासन और ड्रेस कोड का पाठ पढ़ाते हैं, उन्हें सबसे पहले अपने नेता राहुल गांधी को कपड़े पहनने की तमीज और सलीका सिखाना चाहिए।
कांग्रेस सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए अनावश्यक मुद्दों में जनता को उलझा रही है।
मुख्यमंत्री सुक्खू और कांग्रेस नेताओं द्वारा पीएम से मुलाकात पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए जयराम ने स्पष्ट किया कि वे प्रदेश के हितों के लिए प्रधानमंत्री से मिलने के लिए किसी की अनुमति के मोहताज नहीं हैं।
उन्होंने कहा, मैं हिमाचल की जनता का प्रतिनिधि हूँ। प्रदेश के हक की लड़ाई लड़ने के लिए मुझे कांग्रेस से पूछकर प्रधानमंत्री के पास जाने की जरूरत नहीं है। मैं आगे भी प्रदेश के विकास के लिए केंद्र का दरवाजा खटखटाता रहूँगा।