हमीरपुर।
केंद्र सरकार ने 'अग्निपथ योजना' के तहत सेवा पूरी करने वाले युवाओं के पुनर्वसन और उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कमर कस ली है। गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे अपनी राज्य पुलिस और सशस्त्र बलों की भर्तियों में अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत कोटा निर्धारित करें।
गृह मंत्री ने सिफारिश की है कि राज्य पुलिस कांस्टेबल, पीएसी (PAC) और अन्य संबंधित पदों पर अग्निवीरों को प्राथमिकता के साथ 20% आरक्षण दिया जाए। पत्र में यह भी सुझाव दिया गया है कि पहले बैच के अग्निवीरों को ऊपरी आयु सीमा में 5 वर्ष और आगामी बैचों को 3 वर्ष की छूट दी जाए।
अग्निवीरों के सैन्य प्रशिक्षण को देखते हुए, उन्हें शारीरिक मानक और दक्षता परीक्षाओं से छूट देने का प्रस्ताव भी शामिल है।
गृह मंत्री की इस चिट्ठी के बाद कई राज्यों ने पहले ही इस पर अमल करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा पुलिस में अग्निवीरों के लिए 20% आरक्षण को मंजूरी दे दी है।
योगी सरकार ने भी पुलिस और पीएसी भर्तियों में 20% क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण का ऐलान किया है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे राज्य भी इस नीति को लागू करने के लिए ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं।
अग्निपथ योजना का पहला बैच जुलाई 2026 में अपनी 4 साल की सेवा पूरी कर समाज में लौटेगा। गृह मंत्रालय का यह कदम सुनिश्चित करता है कि जब ये युवा सेना से बाहर आएं, तो उनके पास एक अनुशासित और सुरक्षित करियर का विकल्प तैयार हो।
अग्निवीर देश की सुरक्षा का एक प्रशिक्षित और अनुशासित हिस्सा हैं। उनकी ऊर्जा और कौशल का लाभ राज्य पुलिस बलों को मिलना चाहिए, जिससे कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। — अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री