शिमला।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में ईंधन की कीमतों में वृद्धि की खबरों का खंडन किया है। शिमला में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर कोई नया बोझ नहीं डाला गया है।
सेस पर भ्रम की स्थिति की स्पष्टता
पिछले कुछ दिनों से चर्चा थी कि सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ईंधन पर अतिरिक्त सेस लगाने की तैयारी कर ली है। इस पर सफाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा "ईंधन पर सेस से संबंधित विधेयक (Bill) विधानसभा में पेश जरूर किया गया है, लेकिन इसे अभी तक राज्यपाल की मंजूरी नहीं मिली है।
जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, यह कानून नहीं बनता।" मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक बिल कानून का रूप नहीं ले लेता, तब तक प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की पुरानी दरें ही लागू रहेंगी।
विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री सुक्खू ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार की आर्थिक नीतियों को गलत तरीके से पेश कर रहा है।
"हमारी सरकार आम आदमी के हितों का ध्यान रख रही है। विपक्ष केवल राजनीति के लिए कीमतों में वृद्धि की अफवाहें फैला रहा है। राज्य की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए संसाधन जुटाना आवश्यक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम बिना प्रक्रिया पूरे किए बोझ डाल रहे हैं।" — सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के खजाने को भरने के लिए 'हिमाचल प्रदेश मोटर स्पिरिट (कराधान) संशोधन विधेयक' के माध्यम से पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर कुछ पैसे सेस लगाने का प्रस्ताव रखा है। इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से सड़कों के रखरखाव और पर्यावरण संरक्षण के लिए किया जाना प्रस्तावित है।