शिमला
हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में आज एक नया अध्याय जुड़ा है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिमला में न्यूक्लियर मेडिसिन ब्लॉक का विधिवत उद्घाटन किया गया।
इसी के साथ अब प्रदेश के सरकारी क्षेत्र में पहली बार पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (PET) स्कैन की सुविधा आम जनता के लिए उपलब्ध हो गई है। इस सुविधा के शुरू होने से अब कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों को पीईटी स्कैन के लिए चंडीगढ़ या दिल्ली के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
पीईटी स्कैन तकनीक के लाभ
पीईटी स्कैन एक उन्नत मेडिकल इमेजिंग तकनीक है जो रोगों का प्रारंभिक स्तर पर पता लगाने में सक्षम है। यह तकनीक विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी:
कैंसर निदान: कैंसर का सटीक पता लगाने, उसके स्टेज निर्धारण और उपचार के प्रभाव का मूल्यांकन करने में सहायक।
अन्य रोग: हृदय रोग, न्यूरोलॉजिकल विकार, संक्रमण और सूजन संबंधी बीमारियों की सटीक पहचान।
प्रारंभिक पहचान: मेटाबॉलिक और मॉलिक्यूलर परिवर्तनों को बारीकी से समझने में सक्षम।
8 करोड़ रुपये की नई सौगात
इस अवसर पर आईजीएमसी में स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के लिए 8 करोड़ रुपये की लागत से SPECT-CT मशीन स्थापित करने की महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई। यह मशीन भी न्यूक्लियर मेडिसिन के क्षेत्र में जांच की सटीकता को बढ़ाएगी।
उद्घाटन समारोह के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, स्थानीय विधायक हरीश जनारथा और संजय अवस्थी विशेष रूप से उपस्थित रहे। स्वास्थ्य मंत्री ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए मील का पत्थर बताया और कहा कि सरकार आम आदमी को उनके घर के समीप आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।सरकारी क्षेत्र में
पीईटी स्कैन की उपलब्धता से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को बहुत कम खर्च पर उच्च स्तरीय जांच की सुविधा मिल सकेगी।