कांगड़ा I
चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के लिए 30 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। विश्वविद्यालय के 17वें दीक्षा समारोह में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगी। यह 48 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद होगा जब देश का कोई सर्वोच्च संवैधानिक पदधारी इस विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह की शोभा बढ़ाएगा।
विश्वविद्यालय के इतिहास में यह दूसरा मौका है जब राष्ट्रपति दीक्षा समारोह में शामिल हो रहे हैं। इससे पहले वर्ष 1978 में तत्कालीन राष्ट्रपति नीलम संजीवा रेड्डी समारोह के मुख्य अतिथि रहे थे। लगभग पांच दशकों बाद राष्ट्रपति के आगमन को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल है और तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं।
दीक्षा समारोह के दौरान 1 सितंबर 2018 से 31 अगस्त 2023 के बीच उत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके तहत स्नातकोत्तर (मास्टर्स) और डॉक्टरेट (Ph.D) की उपाधियां प्रदान की जाएंगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को स्वर्ण पदक (Gold Medals) और अन्य पुरस्कारों से नवाजा जाएगा।
विश्वविद्यालय के गैर-शिक्षण कर्मचारी संघ ने इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए कुलपति डॉ. अशोक पांडा को बधाई दी है। संघ के महासचिव नरेश शर्मा ने कहा कि कुलपति के कुशल नेतृत्व और प्रयासों के कारण ही इतने अल्प समय में राष्ट्रपति का समय मिल पाया है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन को सफल बनाने के लिए कर्मचारी अवकाश के दिनों में भी लगातार कार्य कर रहे हैं।
दीक्षा समारोह की गरिमा को ध्यान में रखते हुए 29 अप्रैल को सुबह 11:00 बजे और दोपहर 3:00 बजे रिहर्सल (पूर्वाभ्यास) आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी उपाधि और पदक विजेताओं के लिए पूर्वाभ्यास में भाग लेना अनिवार्य है।
समारोह के लिए निर्धारित परिधान संहिता (Dress Code) का पालन करना होगा, जिसकी जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अधिसूचित कर दी गई है।
सभागार की क्षमता को लेकर उठ रहे सवालों पर संघ ने स्पष्ट किया कि यद्यपि 2000 से अधिक अभ्यर्थी पात्र हैं, लेकिन सभागार की सीमित क्षमता और सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण व्यवस्थागत बाधाओं का ध्यान रखना अनिवार्य है। उल्लेखनीय है कि पूर्व के कार्यकाल में लंबित रही डिग्रियों को भी इस बार शामिल किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों में हर्ष की लहर है।