शिमला I
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला स्थित ठियोग के चियोग क्षेत्र से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है। यहाँ एक सरकारी स्कूल में तैनात शिक्षक पर मात्र ढाई साल के मासूम बच्चे के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना ने देवभूमि की शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित बच्चे के पिता गोपाल शर्मा द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत के अनुसार, यह घटना 21 अप्रैल 2026 की है। आरोप है कि स्कूल में कार्यरत एक शिक्षक ने नन्हे बच्चे को कथित तौर पर थप्पड़ मारा। पिता का कहना है कि इस अमानवीय व्यवहार के बाद से बच्चा बुरी तरह डरा-सहमा हुआ है और उसके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा है।
एक शिक्षक का उत्तरदायित्व बच्चों को सुरक्षित भविष्य देना होता है, लेकिन यहाँ जो हुआ वह न केवल क्रूरता है बल्कि कानून का खुला उल्लंघन भी है। मेरा बच्चा सदमे में है।— गोपाल शर्मा (अभिभावक)
यह घटना शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) के प्रावधानों की सीधी अवहेलना है। नियमानुसार स्कूलों में किसी भी प्रकार का शारीरिक दंड (Corporal Punishment) या मानसिक उत्पीड़न पूरी तरह प्रतिबंधित है। दोषी पाए जाने पर शिक्षक के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी मामला भी दर्ज किया जा सकता है।
अभिभावक गोपाल शर्मा ने इस मामले को लेकर प्रदेश के शिक्षा मंत्री को शिकायत भेजकर न्याय की मांग की है। उन्होंने प्रशासन के समक्ष मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच की जाए।
आरोपी शिक्षक के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाए। स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित हों। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि उनके पास इस घटना से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें वे जांच के दौरान विभाग को सौंपने के लिए तैयार हैं।
फिलहाल, शिक्षा विभाग या स्थानीय प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। क्षेत्र के लोगों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। अब देखना यह होगा कि विभाग इस संवेदनशील मुद्दे पर कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।