शिमला
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण का आज दूसरा दिन भी भारी हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने परिसर के बाहर प्रदेश की सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
विपक्षी दल के विधायक हाथों में सरकार विरोधी नारों वाली तख्तियां और कट-आउट्स लेकर विधानसभा पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है और सरकार 'माफिया' के हाथों की कठपुतली बन गई है।
प्रदर्शन के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा। हिमाचल प्रदेश में आज कोई ऐसा माफिया नहीं है जो सक्रिय न हो।
खनन, ड्रग, कबाड़, शराब और अब वन माफिया खुलेआम सरकारी सरपरस्ती में फल-फूल रहे हैं। सिरमौर में 25 पेड़ों की जगह 300 से अधिक पेड़ काट दिए गए और सरकार मौन है क्योंकि आरोपी सत्ता के करीबी हैं।
विपक्ष ने विशेष रूप से खनन और वन माफिया के बढ़ते प्रभाव को लेकर सरकार को घेरा। बता दें कि सत्र के पहले दिन भी भाजपा ने मुख्यमंत्री के खिलाफ सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की बात कही थी, जिसकी तपिश आज भी महसूस की गई।
विपक्ष के कड़े तेवरों से साफ है कि सदन के भीतर प्रश्नकाल और अन्य विधायी कार्यों के दौरान तीखी नोक-झोंक देखने को मिलेगी।
वहीं दूसरी ओर, सत्ता पक्ष ने विपक्ष के इन आरोपों को 'बुनियाद' और 'हताशा का प्रतीक' बताया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संकेत दिए हैं कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार और माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और संदिग्ध अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।