मंडी।
अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी के सफल आयोजन और देवी-देवताओं के प्रति सराहनीय भूमिका निभाने के लिए सर्व देवता सेवा समिति जिला मंडी की कार्यकारिणी ने आज माननीय उपायुक्त अपूर्व देवगन को विशेष रूप से सम्मानित किया। समिति ने जिलाधीश की कार्यकुशलता और समयबद्ध फैसलों को देव समाज के लिए मील का पत्थर बताया।
सर्व देवता सेवा समिति ने उपायुक्त की उन पहलों को रेखांकित किया, जिनसे वर्षों पुरानी मांगें पूरी हुई हैं। मुख्यमंत्री द्वारा देवताओं के मंदिरों के पास आधा बीघा भूमि पर सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाया।
उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को समय सीमा निर्धारित कर मामले तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे कम समय में ही कई भूमि मामले स्वीकृत हो गए। समिति और जनमानस की लंबे समय से मांग थी कि पंजीकृत देवी-देवताओं को पडल मैदान में बैठने के लिए एक गरिमामय और स्थाई स्थान मिले। उपायुक्त ने इसे सुनिश्चित किया, जिसकी सभी कारदारों और श्रद्धालुओं ने मुक्त कंठ से सराहना की।
बैठक में देवताओं के कार्यों के अतिरिक्त उपायुक्त के मानवीय पक्ष की भी चर्चा हुई। समिति के सदस्यों ने कहा कि पिछले वर्ष की प्राकृतिक आपदा के दौरान, जब मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध थे, तब जिलाधीश महोदय ने स्वयं पैदल चलकर दुर्गम क्षेत्रों में लोगों तक राहत पहुँचाई। उनकी इस कर्तव्यनिष्ठा ने आम जनमानस में प्रशासन के प्रति विश्वास पैदा किया।
सम्मान समारोह के दौरान सर्व देवता सेवा समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें भीम चंद सरोच (वरिष्ठ उप प्रधान), तीर्थ राज, हुकम चंद, राजू राम, गोविंद ठाकुर (उप प्रधान), दिनेश शर्मा (महासचिव), सुरेंद्र गुलेरिया (सचिव), राजेंद्र गुलेरिया (कोषाध्यक्ष),
घनश्याम ठाकुर, तोलू राम, लेख राज पटियाल, खीमा राम (संगठन सचिव), रेवती राम, डिक पाल शर्मा (मुख्य सलाहकार), इंद्र सिंह, वाले राम, गुलाब ठाकुर, हीरा सिंह, तेज राम, और हरि सिंह आदि शामिल रहे।