शिमला
हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बेहद तल्ख हो गया है। मैदानी और मध्य पर्वतीय इलाकों में सूरज की तपिश बढ़ने से लोग बेहाल हैं। सोमवार को राज्य का औद्योगिक शहर ऊना सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया।
बढ़ती गर्मी को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र (IMD Shimla) ने मैदानी जिलों के लिए 'लू' (Heatwave) का अलर्ट जारी रखा है, हालांकि राहत की बात यह है कि जल्द ही एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) राज्य में दस्तक देने वाला है, जिससे मौसम पूरी तरह बदल जाएगा।
इन जिलों में चल रही झुलसाने वाली गर्म हवाएं
राज्य के मैदानी और निचले इलाकों में गर्मी ने अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। ऊना के अलावा बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर के कई हिस्सों में दिनभर झुलसाने वाली गर्म हवाएं चलीं।
केवल मैदानी ही नहीं, बल्कि पहाड़ी पर्यटन स्थलों जैसे शिमला और मनाली में भी तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे सैलानियों और स्थानीय लोगों को हल्की उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
मैदानी इलाकों में भीषण लू का सितम, रिकॉर्ड तोड़ रहा तापमान
हिमाचल प्रदेश के मैदानी और निचले पहाड़ी इलाकों में सूरज की तपिश के कारण आम जनजीवन बेहाल हो गया है। मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, औद्योगिक शहर ऊना में पारा 40°C के पार पहुंच चुका है, जिसके चलते वहां भीषण लू (Heatwave) का प्रकोप जारी है।
इसके साथ ही बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी जैसे जिलों में भी गर्म हवाओं का असर साफ देखा जा रहा है, जहाँ मंगलवार को भी लू जैसी स्थितियां बनी रहने की आशंका है। यहाँ तक कि हमेशा ठंडे रहने वाले शिमला और मनाली जैसे पहाड़ी पर्यटन स्थलों के तापमान में भी आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे वहां भी तपिश बढ़ गई है।
11 जून से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट'
इस झुलसाने वाली गर्मी के बीच मौसम विभाग ने राहत की बड़ी खबर दी है। आगामी 11 जून से राज्य में एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे पूरे प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव आएगा।
इसके प्रभाव से 11 और 12 जून को अधिकांश हिस्सों में तेज अंधड़, बिजली चमकने और ओलावृष्टि के साथ भारी बारिश होने की संभावना है, जिसे देखते हुए विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
बारिश का यह दौर 13 और 14 जून को भी हल्की से मध्यम बौछारों के रूप में जारी रहेगा, जबकि ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी भी देखने को मिल सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदलाव से तापमान में भारी गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी, हालांकि तेज हवाओं और ओलों से फसलों को होने वाले नुकसान के मद्देनजर किसानों
को सतर्क रहने का सुझाव दिया गया है।