पांवटा साहिब:
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के तहत आने वाले पांवटा साहिब उपमंडल के माजरा पुलिस थाने में धोखाधड़ी का एक बड़ा और अनोखा मामला सामने आया है। यहाँ एक पोल्ट्री कंपनी के साथ करीब 19.38 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी की गई है।
आरोप है कि अनुबंध (एग्रीमेंट) के तहत पालन-पोषण के लिए दिए गए हजारों मुर्गों को आरोपियों ने कंपनी की अनुमति के बिना रात के अंधेरे में बाजार में बेच दिया और मुनाफा खुद हड़प लिया।
एग्रीमेंट के तहत दिए गए थे 8,143 चूजे
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला QSA Poultry India Pvt. Ltd. कंपनी की शिकायत पर दर्ज किया गया है। कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि जसविंद्र कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कंपनी ने एक एग्रीमेंट के तहत प्रीति (निवासी टोका नगला, जिला सिरमौर) को पालने के लिए 8,143 चूजे सौंपे थे।
नियम के मुताबिक, इन्हें तैयार होने के बाद कंपनी के माध्यम से ही बेचा जाना था।
मामले का मुख्य विवरण
पुलिस थाना माजरा, जिला सिरमौर (H.P.) शिकायतकर्ता जसविंद्र कुमार (अधिकृत प्रतिनिधि, QSA Poultry India Pvt. Ltd.) मुख्य आरोपी इम्तियाज हाशमी, प्रीति एवं अन्य गारंटर 8,143 चूजे कुल वित्तीय नुकसान ₹19,38,000 (लगभग 19.38 लाख रुपये)
रात के समय वारदात को दिया अंजाम
मामले की पुष्टि करते हुए जिला सिरमौर के पुलिस अधीक्षक (SP) निश्चित सिंह नेगी ने बताया कि शिकायत के मुताबिक, आरोपी प्रीति, इम्तियाज हाशमी और उनके अन्य गारंटरों ने मिलकर एक साजिश रची।
जब चूजे बड़े होकर मुर्गे के रूप में तैयार हो गए, तो आरोपियों ने कंपनी को बिना कोई सूचना दिए, रात के समय चुपके से उन्हें बेच दिया। इस कृत्य से कंपनी को सीधे तौर पर लगभग 19.38 लाख रुपये का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
पुलिस की कार्रवाई शुरू
एसपी निश्चित सिंह नेगी ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी (Cheating) समेत अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन मुर्गों को कहाँ और किसे बेचा गया और इस धोखाधड़ी में कौन-कौन शामिल है। आरोपियों से जल्द ही पूछताछ की जाएगी।