शिमला।
हिमाचल प्रदेश के लाखों घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए नया वित्त वर्ष खुशियां लेकर आ रहा है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली की दरों में कटौती का निर्णय लिया है। आयोग द्वारा जारी किए गए टैरिफ ऑर्डर के अनुसार, प्रदेश में बिजली की दरों में 1 पैसे प्रति यूनिट की मामूली लेकिन राहत भरी कमी की गई है।
आयोग ने उपभोक्ताओं की उम्मीदों को ध्यान में रखते हुए इस बार बिजली के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है, बल्कि इसे कम करने का विकल्प चुना है। घरेलू और औद्योगिक, दोनों श्रेणियों के लिए बिजली 1 पैसे प्रति यूनिट सस्ती होगी।
यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में लागू हो जाएंगी। राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली मौजूदा सब्सिडी पहले की तरह जारी रहने की उम्मीद है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर बोझ नहीं बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पहले ही संकेत दिए थे कि सरकार उद्योगों को मजबूत करने के लिए बिजली की दरों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखेगी। उद्योगों के लिए बिजली के दाम न बढ़ने से प्रदेश में निवेश और उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का भी संकल्प दोहराया है।
आयोग ने केवल दरों में कटौती ही नहीं की, बल्कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए सोलर टैरिफ (सौर ऊर्जा दरें) भी निर्धारित की हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सौर परियोजनाओं के लिए ₹3.34 से ₹3.52 प्रति यूनिट तक के मानक तय किए गए हैं, ताकि अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा मिल सके।
आयोग ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए उपभोक्ताओं को राहत दी है। यह सुनिश्चित किया गया है कि बिजली बोर्ड की वित्तीय स्थिति और उपभोक्ताओं के हितों के बीच सामंजस्य बना रहे।" > — राज्य विद्युत नियामक आयोग