धर्मशाला।
अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल मैक्लोडगंज की पहाड़ियों में स्थित त्रियूंड, जो हाईकर्स और ट्रेकर्स की पहली पसंद है, इन दिनों वन विभाग की कड़ी निगरानी में है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ट्रेक पर सुरक्षा और नियमों को बनाए रखने के लिए अब बिना पंजीकरण (पर्ची) के प्रवेश करने वालों पर 5,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
वन विभाग ने त्रियूंड जाने के लिए मुख्य चार रास्तों पर चेक पोस्ट बनाए हैं। इसके बावजूद, कई पर्यटक पर्ची से बचने के लिए वैकल्पिक और खतरनाक चोर रास्तों का उपयोग करते हैं।
वन विभाग के अनुसार, यदि कोई भी पर्यटक बिना वैध पर्ची के त्रियूंड ट्रेक पर पाया जाता है, तो उस पर तुरंत 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि, विभाग ने यह भी स्वीकार किया है कि स्टाफ की कमी के कारण हर वैकल्पिक मार्ग पर नजर रखना और इस नियम को पूरी तरह सख्ती से लागू करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
वर्तमान में धौलाधार की पहाड़ियों पर हो रही बर्फबारी को देखते हुए वन विभाग ने पर्यटकों को चेतावनी जारी की है। मौसम के मिजाज को देखते हुए ट्रेकर्स अभी त्रियूंड जाने से परहेज करें। यदि किसी ने ट्रेकिंग का प्लान बनाया है, तो उसे फिलहाल टाल दें क्योंकि बर्फबारी के कारण रास्ते खतरनाक और फिसलन भरे हो सकते हैं।" > — सुमित शर्मा, डीएफओ (DFO), वन मंडल धर्मशाला
सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए डीएफओ ने सलाह दी है कि हमेशा पर्यटन विभाग द्वारा रजिस्टर्ड और प्रशिक्षित (Trained) हाईकर्स व ट्रेकर्स के साथ ही पहाड़ पर चढ़ें।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई बिना रजिस्टर्ड गाइड के ट्रेकिंग पर जाता है और किसी संकट में फंसता है, तो इसके लिए वन विभाग जिम्मेदार नहीं होगा। समय-समय पर पर्यटकों को ट्रेंड गाइड के साथ ही जाने की सलाह दी जाती है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से बचा जा सके।