शिमला।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान एंट्री टैक्स और प्रस्तावित 'अनाथ एवं विधवा सेस' का मुद्दा गूंजा। भाजपा विधायकों और सत्ता पक्ष के बीच हुई तीखी बहस के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन के बाहर मीडिया से रूबरू होते हुए विपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर तीखा हमला बोला।
एंट्री टैक्स: 40 साल पुरानी व्यवस्था, सिर्फ सिस्टम बदला
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एंट्री टैक्स कोई नया कर नहीं है, बल्कि इसे केवल आधुनिक बनाया गया है। सरकार ने एंट्री टैक्स को अब फास्टैग (FASTag) से जोड़ दिया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
सीएम ने कहा, "एंट्री टैक्स उतना नहीं बढ़ा है जितना शोर मचाया जा रहा है। भाजपा तिल का ताड़ बना रही है। यह व्यवस्था पिछले 40 वर्षों से लागू है, हमने केवल इसमें सामान्य संशोधन किया है।"
सेस पर स्पष्टीकरण: 'अभी कानून ही नहीं बना'
ईंधन पर लगने वाले प्रस्तावित सेस को लेकर मुख्यमंत्री ने भाजपा के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी केवल सेस लगाने का अधिकार देने वाला विधेयक (Bill) पास हुआ है।
राज्यपाल की अनुमति के बाद ही यह 'एक्ट' बनेगा। सीएम ने स्पष्ट किया कि एक्ट बनने के बाद सरकार तय करेगी कि सेस लगाना है या नहीं। उन्होंने कहा, "अधिकतम सीमा ₹5 तय की गई है, लेकिन सरकार चाहे तो इसे केवल 2 या 5 पैसे भी रख सकती है। भाजपा इसे लेकर बेवजह डर फैला रही है।"
जयराम ठाकुर पर तंज: "प्रधानमंत्री के सामने रोने से बेहतर हिमाचल का हक मांगें"
मुख्यमंत्री सुक्खू ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हर विषय को राजनीतिक रंग देने में जुटे हैं। जयराम ठाकुर प्रधानमंत्री से मिलकर केवल अपनी सियासी रोटियां सेंकते हैं। उन्हें प्रधानमंत्री के सामने प्रदेश के विकास और RDG (Revenue Deficit Grant) दिलाने के मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए थी, न कि सेस जैसे मुद्दों पर भ्रम फैलाना चाहिए।