राज्यपाल की मंजूरी के बाद हिमाचल प्रदेश GST संशोधन अधिनियम, 2026 राजपत्र में प्रकाशित; आपूर्ति के बाद छूट और अप्रयुक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट के रिफंड का प्रावधान
हिमाचल प्रदेश सरकार ने माल एवं सेवा कर (GST) कानून में संशोधन किया है। इससे राज्य के हजारों कारोबारियों को छूट और रिफंड से जुड़े मामलों में राहत मिलने का रास्ता साफ होगा। राज्यपाल की ओर से 26 अक्टूबर 2026 को मंजूरी मिलने के बाद हिमाचल प्रदेश माल एवं सेवा कर (संशोधन) अधिनियम, 2026 को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया है।
इस संशोधन के तहत हिमाचल प्रदेश GST अधिनियम, 2017 की विभिन्न धाराओं में बदलाव किए गए हैं। नए प्रावधानों के अनुसार, कुछ निर्धारित शर्तें पूरी होने पर वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति पूरी होने के बाद भी छूट दी जा सकेगी।
आपूर्ति के बाद छूट और क्रेडिट नोट का प्रावधान
संशोधन के तहत GST अधिनियम की धारा 15 में बदलाव किया गया है। इसके अनुसार, आपूर्ति के बाद दी जाने वाली छूट के लिए संबंधित शर्तें पूरी करनी होंगी। ऐसे मामलों में आपूर्तिकर्ता को क्रेडिट नोट जारी करना होगा। वहीं, खरीदार को छूट के अनुपात में पहले लिया गया इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) वापस करना होगा। यह प्रक्रिया धारा 34 के प्रावधानों के अनुसार पूरी की जाएगी।
धारा 34 में भी संशोधन किया गया है, जिसके तहत आपूर्ति के बाद दी जाने वाली छूट के मामलों में क्रेडिट नोट जारी करने का प्रावधान जोड़ा गया है।
अप्रयुक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट के रिफंड का दायरा बढ़ा
धारा 54 में किए गए संशोधन के तहत रिफंड से जुड़े प्रावधानों का दायरा बढ़ाया गया है। अब निर्धारित शर्तों के तहत अप्रयुक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट के रिफंड को भी इसमें शामिल किया गया है।
इसके अलावा, भारत से कर का भुगतान करके निर्यात किए गए सामान के रिफंड दावों को धारा 54 की उपधारा (14) में किए गए बदलाव के तहत अलग रखा गया है।
अधिसूचना के बाद लागू होंगे प्रावधान
संशोधन अधिनियम के अनुसार, इसके प्रावधान सरकार की ओर से राजपत्र में अधिसूचना जारी कर निर्धारित की जाने वाली तारीख से लागू होंगे। यानी राज्यपाल की मंजूरी और राजपत्र में प्रकाशन के बाद भी कानून के संशोधित प्रावधानों को लागू करने के लिए अलग से तारीख अधिसूचित की जाएगी।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube