बिलासपुर के ज्योरी पत्तन में पर्यटकों के लिए खुलेगा आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट, इको टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा।
हिमाचल प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक बड़ी पहल के तहत राज्य का पहला आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट बिलासपुर की गोविंद सागर झील स्थित ज्योरी पत्तन में अगले एक माह के भीतर पर्यटकों के लिए शुरू किया जाएगा।
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य बिलासपुर को इको टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स, एयरो स्पोर्ट्स और एडवेंचर टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।
उपायुक्त सोसायटी फॉर टूरिज्म, स्पोर्ट्स, ट्रेड एंड एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
प्राकृतिक द्वीपों पर मिलेगा अनोखा पर्यटन अनुभव
राहुल कुमार ने बताया कि गोविंद सागर झील के बीच स्थित प्राकृतिक द्वीपों को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पर्यटकों के लिए आधुनिक और आरामदायक आवास की व्यवस्था होगी, जहां वे प्राकृतिक वातावरण के बीच ठहरने का अनुभव ले सकेंगे।
पर्यटकों के लिए नाश्ता, दोपहर और रात्रि भोजन की सुविधा उपलब्ध होगी, जिसमें बिलासपुर और हिमाचल के पारंपरिक व्यंजनों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा ताकि वे स्थानीय खानपान और संस्कृति का अनुभव कर सकें।
प्री-वेडिंग शूट से लेकर वॉटर स्पोर्ट्स तक कई आकर्षण
इस परियोजना में पर्यटक प्री-वेडिंग शूट, फिशिंग, स्थानीय दर्शनीय स्थलों का भ्रमण, प्रकृति भ्रमण और विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। साथ ही स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय रोजगार और हस्तशिल्प को मिलेगा बढ़ावा
उपायुक्त ने बताया कि परियोजना के तहत स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि उत्पादों और पारंपरिक वस्तुओं की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। इससे स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे पर्यटकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना स्थानीय रोजगार, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अंडमान-निकोबार की तर्ज पर होगा विकास
राहुल कुमार ने बताया कि गोविंद सागर झील के ज्योरी पत्तन, धररसानी और भोलू द्वीपों को अंडमान एवं निकोबार की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यह हिमाचल प्रदेश की अपनी तरह की पहली पर्यटन परियोजना होगी, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी।
वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के विस्तार पर भी जोर
बैठक में मंडी-भराड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की समीक्षा भी की गई। हितधारकों द्वारा सामने रखी गई समस्याओं पर चर्चा करते हुए उपायुक्त ने एसडीएम झंडूता को वॉटर स्पोर्ट्स के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में बीबीएमबी अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
इसके अलावा कोल डैम और नकराणा क्षेत्र में भी वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को सभी पर्यटन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में एडीसी रुपिंदर कौर, एसडीएम सदर राजकुमार, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारक उपस्थित रहे।
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