सोलन।
हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को प्रदूषण मुक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। हैदराबाद से 10 नई इलेक्ट्रिक बसें ट्रायल के लिए विशेष रूप से सोलन पहुँची हैं।
इन बसों को प्रदेश के दुर्गम और पहाड़ी रास्तों पर चलाकर इनकी तकनीकी क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। परिवहन विभाग का लक्ष्य है कि इन बसों के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मुहैया कराया जा सके।
अपग्रेडेड तकनीक के साथ नई वापसी
उल्लेखनीय है कि पूर्व में किए गए इलेक्ट्रिक बसों के ट्रायल के दौरान कुछ तकनीकी चुनौतियाँ और खामियाँ सामने आई थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए निर्माता कंपनी ने बसों के इंजन, ब्रेकिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर को हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार अपग्रेड किया है।
अब इन 10 बसों को नए फीचर्स और बेहतर परफॉर्मेंस दावों के साथ दोबारा मैदान में उतारा गया है। विभाग इन बसों की बैटरी लाइफ और चढ़ाई चढ़ने की क्षमता पर विशेष ध्यान देगा।
300 नई बसों का रास्ता होगा साफ
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यदि इन 10 बसों का ट्रायल सफल रहता है, तो प्रदेश सरकार चरणबद्ध तरीके से 300 और इलेक्ट्रिक बसें मंगवाने की योजना बना रही है।
इतनी बड़ी संख्या में ई-बसों के बेड़े में शामिल होने से डीजल पर होने वाले करोड़ों रुपये के खर्च में कटौती होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। यह कदम राज्य सरकार के 'ग्रीन स्टेट' विजन के अनुरूप देखा जा रहा है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं बसें
इन नई बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का खास ख्याल रखा गया है। मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं लंबी दूरी तय करने के लिए उन्नत लिथियम-आयन बैटरी। आधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों की सुविधा।
शून्य कार्बन उत्सर्जन, जो पहाड़ी पारिस्थितिकी तंत्र के लिए वरदान है। लंबी यात्रा के दौरान यात्रियों की थकान कम करने के लिए एर्गोनोमिक डिजाइन। सोलन में इन बसों के पहुँचने के बाद स्थानीय जनता और पर्यटकों में नई तकनीक को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। ट्रायल सफल होते ही इन्हें विभिन्न महत्वपूर्ण रूटों पर नियमित रूप से संचालित किया जाएगा।