शिमला।
शिमला और आसपास के क्षेत्रों में तबाही हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और भीषण अंधड़ ने भारी तबाही मचाई है। राजधानी शिमला समेत नाहन, बिलासपुर और ऊना में तेज हवाओं के कारण कई विशाल पेड़ धराशायी हो गए।
शिमला के रिज मैदान पर अफरातफरी का माहौल रहा, वहीं जाखू के पास बिजली गिरने से एक पेड़ के दो टुकड़े हो गए। सिरमौर और शिमला के कुडू इलाके में भवनों की छतें उखड़ गईं, जिससे संपत्ति को काफी नुकसान पहुँचा है। खराब मौसम के कारण रामपुर, बिलासपुर और चंबा के कई इलाकों में बिजली गुल है, जिससे लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
किसानों और बागवानों पर दोहरी मार
प्रदेश के ऊपरी इलाकों में हुई ओलावृष्टि ने बागवानों की कमर तोड़ दी है। रामपुर की भड़ावली और तकलेच पंचायतों में आधे घंटे तक हुई भारी ओलावृष्टि से सेब, नाशपाती और अन्य गुठलीदार फलों को भारी क्षति पहुँची है।
स्थिति इतनी गंभीर है कि ओलों की मार से फल और पत्ते जमीन पर बिछ गए हैं। मंडी जिले में घने कोहरे के कारण दृश्यता महज 800 मीटर रह गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। कांगड़ा के नलसुआ में बिजली गिरने से दो मवेशियों की जान चली गई, जबकि कई जिलों में बिजली के ट्रांसफार्मर जलने और तार टूटने से आपूर्ति ठप पड़ी है।
आगामी दिनों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में आने वाले दिनों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। सोमवार और मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश, ओलावृष्टि और अंधड़ का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
विशेष रूप से कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में मौसम अधिक उग्र रहने की संभावना है। इसके बाद 6 और 7 मई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार, 8 और 9 मई को भी उच्च और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम खराब बना रहेगा, जिससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।
हादसों में घायल और तापमान का हाल
मौसम के इस रौद्र रूप के बीच मंडी के जोगिंद्रनगर में एक बुजुर्ग महिला उस वक्त गंभीर रूप से घायल हो गई, जब अंधड़ के कारण उड़ती हुई टीन की चादर उन पर जा गिरी। वहीं, प्रदेश के तापमान में भी भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
पिछले 24 घंटों में पालमपुर में सर्वाधिक 30 मिमी बारिश दर्ज की गई। ताबो में न्यूनतम तापमान 4.4°C तक गिर गया है, जबकि ऊना में अधिकतम तापमान 37.4°C रिकॉर्ड किया गया। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को खराब मौसम के दौरान एहतियात बरतने और नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है।