शिमला/मंडी
हिमाचल प्रदेश के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रदेश सरकार की अधिसूचना के बाद अब हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) शिमला और सरदार पटेल विश्वविद्यालय (SPU) मंडी से संबद्ध सभी सरकारी और निजी कॉलेजों में आगामी जुलाई सत्र से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।
इस नई व्यवस्था के तहत अब स्नातक (UG) स्तर पर वार्षिक परीक्षा प्रणाली को समाप्त कर सेमेस्टर सिस्टम को दोबारा बहाल किया गया है।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के बाद विश्वविद्यालयों ने अपने अधीन आने वाले सभी कॉलेजों को निर्देश जारी कर दिए हैं। वर्तमान में कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया (Admission Process) जारी है, जिसकी प्रवेश परीक्षाएं जून में होंगी और नया शैक्षणिक सत्र जुलाई से शुरू होगा।
एचपीयू के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के तहत आने वाले 137 कॉलेजों में से 29 कॉलेजों में चार वर्षीय यूजी कोर्स का विकल्प मिलेगा, जबकि शेष 108 कॉलेजों में फिलहाल तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम ही संचालित किया जाएगा।
छात्रों को मिलेगा 'मल्टीपल एग्जिट' का लाभ एनईपी के लागू होने से छात्रों को सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब किसी कारणवश बीच में पढ़ाई छोड़ने पर उनका साल बर्बाद नहीं होगा:
एक वर्ष पूरा करने पर: 'यूजी सर्टिफिकेट'
दो वर्ष पूरे करने पर: 'डिप्लोमा'
तीन वर्ष पूरे करने पर: 'स्नातक डिग्री'
चार वर्ष (विशेष विकल्प): 'ऑनर्स' या 'रिसर्च आधारित डिग्री'
सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के कुलपति प्रोफेसर ललित कुमार अवस्थी ने पुष्टि की है कि मंडी विश्वविद्यालय भी अपने अधिकार क्षेत्र के सभी 46 कॉलेजों में इस नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रहा है।
सभी प्राचार्यों को नई क्रेडिट प्रणाली और पाठ्यक्रम के अनुरूप बुनियादी ढांचा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जुलाई से शुरू होने वाले सत्र में छात्रों को नई शिक्षा नीति के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।