विधानसभा स्थानीय निधि लेखा समिति ने 31 दिसंबर और 31 मार्च से पहले लक्ष्य पूरा करने के दिए निर्देश, वर्ष 2000 से पहले के पैरा बंद करने पर भी चर्चा
हमीरपुर में हिमाचल प्रदेश विधानसभा स्थानीय निधि लेखा समिति की बैठक से नदारद रहने वाले वरिष्ठ अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है। समिति के सभापति एवं विधायक संजय रत्न ने अनुपस्थित अधिकारियों को नोटिस जारी करवाए हैं और उन्हें शिमला में जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति की बैठक में अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है और जानबूझकर अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हमीरपुर के हमीर भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता संजय रत्न ने की। इसमें जिला हमीरपुर के विभिन्न विभागों से संबंधित पैरा पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति ने विभागों को 31 दिसंबर और 31 मार्च से पहले निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के निर्देश भी दिए।
अनुपस्थित अधिकारियों से मांगा जवाब
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर सभापति संजय रत्न ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा स्थानीय निधि लेखा समिति की बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों का उपस्थित रहना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि बैठक से नदारद रहने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं और उन्हें शिमला में जवाब देने के लिए कहा गया है। अनुपस्थिति के कारणों की जानकारी ली जाएगी। यदि कोई अधिकारी जानबूझकर बैठक से अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वर्ष 2000 से पहले के पैरा बंद करने के निर्देश
संजय रत्न ने कहा कि बैठक में जिला हमीरपुर के सभी विभागों से संबंधित मामलों और जिले की गतिविधियों पर चर्चा की गई। समिति ने वर्ष 2000 से पहले के पैरा बंद करवाने के लिए आगामी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही सभी विभागों को 31 दिसंबर और 31 मार्च तक निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने लक्ष्य पूरे करने को कहा गया है।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल, विधायक सुरेश कुमार, इंदौरा के विधायक मलिंदर राजन, विधायक कुलदीप राठौर और कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा उपस्थित रहे।
इसके अलावा डीसी गांधीर्वा राठौर, एसपी बलवीर ठाकुर तथा सभी एसडीएम और बीडीओ भी बैठक में मौजूद रहे।
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