हमीरपुर।
हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के भोरंज उपमंडल के अंतर्गत ठारा गांव से एक अत्यंत दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। एक ओर जहाँ भाई की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई, वहीं भाई के बिछड़ने का सदमा सहन न कर पाने के कारण सगी बहन ने भी दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, ठारा गांव के निवासी अजय कुमार (36), जो किरतपुर में एक निजी कंपनी में कार्यरत थे, 12 अप्रैल को छुट्टी पर घर आए थे। 13 अप्रैल को वे वापस अपनी ड्यूटी पर लौट गए, लेकिन इसी दौरान उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
जब मृतक के भाई प्रवीण कुमार शव लेने पहुंचे, तो उन्होंने अजय के शरीर पर कुछ संदिग्ध निशान देखे। परिजनों ने इस मामले में हत्या की आशंका जताते हुए गहन जांच की मांग की है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया और अजय का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
दूसरा पहलू और भी दर्दनाक रहा। अजय की अचानक मौत की खबर सुनकर उनकी बड़ी बहन अंजना कुमारी (43), जो समीरपुर में ब्याही थीं, गहरे सदमे में चली गईं। अपने भाई को अंतिम विदाई देने ठारा गांव पहुंची अंजना इस दुख के आघात को बर्दाश्त नहीं कर सकीं।
तबीयत बिगड़ने के कारण उन्होंने भी ठारा गांव में ही दम तोड़ दिया। एक साथ दो चिताएं जलने से गांव का हर व्यक्ति स्तब्ध है। अजय कुमार अपने पीछे वृद्ध माता, पत्नी और दो मासूम बेटियों को छोड़ गए हैं।
बड़ी बेटी नवोदय विद्यालय में सातवीं कक्षा की छात्रा है। छोटी बेटी जिसकी आयु महज दो वर्ष है। पिता और बुआ के एक साथ चले जाने से बच्चों और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वृद्ध माता और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस दोहरी त्रासदी के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि अजय की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की जाए। संदिग्ध निशानों को लेकर पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है।