शिमला।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा घोषित दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणामों में हिमाचल प्रदेश ने अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का लोहा मनवाया है। उत्तर भारत के राज्यों में हिमाचल प्रदेश ने दूसरा स्थान हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
बुधवार को जारी किए गए इन नतीजों में हिमाचल के विद्यार्थियों ने पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ को पीछे छोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया है।
प्रदेश का इस वर्ष का कुल परीक्षा परिणाम 97.78 फीसदी रहा है, जो पिछले वर्ष के 97.26 फीसदी के मुकाबले 0.52% अधिक है। उत्तर भारत में केवल जम्मू-कश्मीर (99.15%) ही हिमाचल से आगे रहा।
प्रदेश की बेटियों ने एक बार फिर बाजी मारी है। छात्राओं का पास प्रतिशत 98.44% रहा, जबकि छात्रों का प्रतिशत 97.30% दर्ज किया गया। प्रदेश से कुल 17,734 विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया था, जिनमें से 17,709 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे।
कुल 17,316 छात्र-छात्राएं सफल घोषित किए गए। जवाहर नवोदय विद्यालयों ने 100% परिणाम के साथ शत-प्रतिशत सफलता हासिल की। केंद्रीय विद्यालयों का प्रदर्शन 99.83% और निजी स्कूलों का 97.49% रहा।
बिलासपुर जिले के डीएवी सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल बरमाणा के छात्र नवदीप प्रजापत ने 99.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश भर में अपनी प्रतिभा का डंका बजाया है। मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले नवदीप के पिता ललित कुमार एसीसी (ACC) में असिस्टेंट मैनेजर हैं और माता सुमन प्रजापत गृहिणी हैं।
सफलता की कहानी और कार्यप्रणाली
नवदीप ने बताया कि वे केवल 2 से 3 घंटे की नियमित सेल्फ स्टडी करते थे। उनकी सफलता का राज लंबे समय तक बैठना नहीं, बल्कि एकाग्रता थी। वे हर एक घंटे के अंतराल में छोटे ब्रेक लेते थे और कभी-कभी दोस्तों के साथ बाहर घूमकर खुद को तरोताजा रखते थे। नवदीप अब जेईई (JEE) मेन की तैयारी कर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
पढ़ाई को बोझ न समझें, इसे एक लक्ष्य के रूप में लें। बिना अनुशासन के सफलता संभव नहीं है। रोजाना की थोड़ी-थोड़ी लेकिन नियमित पढ़ाई ही आपको बड़े लक्ष्यों तक पहुँचाती है।" — नवदीप प्रजापत