हमीरपुर: सदर विधायक आशीष शर्मा के चाचा प्रवीण कुमार और भाई उमेश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद बुधवार को सीजेएम कोर्ट हमीरपुर में आत्मसमर्पण कर दिया।
इससे पहले उनकी जमानत याचिका हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा भी खारिज की जा चुकी थी। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को चार सप्ताह के भीतर सरेंडर करने के निर्देश दिए थे, जिसकी समय-सीमा बुधवार को पूरी हो रही थी। अदालत में पेश होने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर एक दिन की रिमांड पर भेज दिया। अब दोनों आरोपियों को वीरवार को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
यह मामला स्टोन क्रशर से जुड़े अवैध खनन और रिकॉर्ड में अनियमितताओं से संबंधित है। पुलिस ने एसपी के नेतृत्व में प्रवीण कुमार के स्टोन क्रशर पर छापेमारी कर सीसीटीवी फुटेज और हार्ड डिस्क कब्जे में ली थी, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।
इस मामले में कुल चार आरोपी हैं, जिनमें से दो को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल चुकी है, जबकि प्रवीण कुमार और उमेश शर्मा की जमानत याचिका साक्ष्यों के आधार पर खारिज कर दी गई।
गौरतलब है कि यह मामला 12 अगस्त 2025 को सुजानपुर थाना में दर्ज किया गया था। पुलिस ने 27 नवंबर को अपनी रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश की थी, जिसके बाद 15 दिसंबर को अदालत ने सभी आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां भी दोनों को राहत नहीं मिली। एसपी हमीरपुर बलवीर सिंह ठाकुर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार दोनों आरोपियों ने समय-सीमा के भीतर सरेंडर किया है और अदालत द्वारा एक दिन की पुलिस रिमांड दी गई है।