बिलासपुर।
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर स्थित गरामोड़ा टोल प्लाजा एक बार फिर विवादों के घेरे में है। बुधवार को यहाँ मामूली कहासुनी ने उस वक्त हिंसक रूप ले लिया जब टोल कर्मचारियों पर एक गाड़ी चालक के साथ बेरहमी से मारपीट करने और लूटपाट के गंभीर आरोप लगे। हमले में चालक के सिर पर गहरी चोटें आई हैं।
विवाद के बाद डंडों से हमला
मिली जानकारी के अनुसार, टोल टैक्स या किसी अन्य बात को लेकर चालक और टोल कर्मियों के बीच बहस शुरू हुई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि टोल कर्मचारी डंडे निकाल लाए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कर्मचारियों ने आपा खोते हुए चालक पर डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले के दौरान चालक के सिर पर वार किया गया, जिससे वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा।
नकदी लूटने के भी आरोप
मामला केवल मारपीट तक ही सीमित नहीं रहा। पीड़ित पक्ष और मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि इस हंगामे और मारपीट के बीच चालक की गाड़ी में रखी नकदी भी निकाल ली गई। लूटपाट के इन आरोपों ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
टोल कर्मियों और चालक के बीच तीखी नोकझोंक के बाद डंडों का इस्तेमाल किया गया। चालक के सिर पर प्रहार होने से वह खून से लथपथ हो गया। घटना के बाद फोरलेन पर काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने टोल कर्मियों की इस गुंडागर्दी पर कड़ा ऐतराज जताया है।
टोल प्लाजा पर सुरक्षा और सुविधा के नाम पर अवैध वसूली और गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। सरेआम एक चालक को लहूलुहान करना और लूटपाट करना कानून का उल्लंघन है। — एक प्रत्यक्षदर्शी
पुलिस जांच और कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने घायल चालक का मेडिकल करवाने और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस अब टोल प्लाजा पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और लूट के दावों की सच्चाई का पता लगाया जा सके।इस घटना ने एक बार फिर
टोल प्लाजाओं पर तैनात कर्मचारियों के व्यवहार और आम जनता की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।