दो मकान खाली करवाकर परिवारों को भेजा सुरक्षित स्थान, ग्रामीणों ने निर्माण कंपनी का किया घेराव; विधायक ने समाधान का दिया भरोसा
मंडी जिले के द्रंग विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन नारला–बिजणी सुपर हाईवे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सड़क निर्माण कार्य के दौरान दो मकानों में गहरी दरारें आने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दोनों प्रभावित परिवारों को घर खाली करवाकर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है।
प्रशासन के इस कदम के बाद वीरवार को ग्रामीण प्रभावित परिवारों के समर्थन में सड़कों पर उतर आए। लोगों ने निर्माण कंपनी का घेराव करते हुए मुआवजा, पुनर्वास और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने लगाए निर्माण कंपनी पर अनदेखी के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान कंपनी की ओर से सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। लोगों ने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कंपनी के कर्मचारी न तो फोन उठाते हैं और न ही समस्या का समाधान करते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार निर्माण कंपनी से आग्रह किया था कि काम को सही तरीके और सावधानी से किया जाए, लेकिन उनकी शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया गया।
विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने दिया समाधान का भरोसा
मौके पर पहुंचे द्रंग विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिया।
विधायक ने कहा कि द्रंग विधानसभा क्षेत्र में परियोजना से प्रभावित लोगों की समस्याओं के समयबद्ध और स्थायी समाधान को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ स्पष्ट और तथ्यपूर्ण चर्चा की गई है।
उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा, सुविधा और अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रभावित परिवारों की हर जायज समस्या का समाधान करवाने के लिए वह लगातार प्रयासरत हैं।
प्रशासन ने कहा कि मकानों में आई दरारों को देखते हुए लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है और प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान नियमानुसार किया जाएगा।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और राहत नहीं मिली तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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