25-30 फीसदी फीस वृद्धि वापस लेने की मांग, छात्र सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया; प्रदेशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) में फीस बढ़ोतरी के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। फीस वृद्धि के विरोध में शुरू किया गया परिषद का अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन अब चौथे दिन में प्रवेश कर गया है।
परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार ने समय रहते फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
25 से 30 प्रतिशत फीस वृद्धि का विरोध
ABVP की HPU इकाई के अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय ने विभिन्न मदों में 25 से 30 प्रतिशत तक फीस बढ़ा दी है, जबकि छात्रों को अब भी बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि एकमुश्त इतनी बड़ी फीस वृद्धि छात्र हित में नहीं है। छात्रों को घर जाने के लिए नियमित बस सुविधा तक उपलब्ध नहीं है और विश्वविद्यालय के हॉस्टलों की स्थिति भी बेहद खराब है।
गरीब और ग्रामीण छात्रों पर पड़ेगा सीधा असर
एबीवीपी का कहना है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में प्रदेश के दूर-दराज़ के ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई करते हैं। ऐसे में फीस में की गई बढ़ोतरी का सीधा आर्थिक बोझ छात्रों और उनके परिवारों पर पड़ेगा।
परिषद ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से फीस वृद्धि का निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की है।
आमरण अनशन और प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि फीस वृद्धि वापस नहीं ली गई तो क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में बदला जा सकता है।
परिषद ने कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को हिमाचल प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों तक भी विस्तारित किया जाएगा।
एबीवीपी ने दो टूक कहा कि फीस वृद्धि वापस नहीं होने की स्थिति में पूरे प्रदेश में व्यापक छात्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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