धर्मशाला I
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में धौलाधार की ऊंची पहाड़ियों के बीच एक बड़ा हादसा टल गया। रविवार को बैजनाथ उपमंडल के दुर्गम गुरण धार क्षेत्र में फंसे दो पैराग्लाइडर पायलटों को भारतीय वायु सेना (IAF) के हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया है। दोनों पायलटों ने विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीड़-बिलिंग से उड़ान भरी थी।
उपायुक्त कांगड़ा, हेमराज बैरवा ने बताया कि दुर्घटना में शामिल दो पैराग्लाइडर की पहचान इस प्रकार हुई है अरुण सिंह निवासी राजस्थान (हादसे में गंभीर रूप से घायल), रंजन गुप्ता निवासी गुजरात (जो क्रैश के बाद एक पेड़ पर फंस गए थे)।
जानकारी के अनुसार, पायलटों ने बीड़-बिलिंग से उड़ान भरी थी, लेकिन बीच हवा में तकनीकी समस्या या खराब हवा के कारण वे गुरण धार के अत्यंत दुर्गम इलाके में क्रैश हो गए। यह क्षेत्र सड़क मार्ग से नहीं जुड़ा है और पैदल रेस्क्यू टीम को वहां पहुँचने में कई घंटों का समय लग सकता था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने तुरंत वायु सेना से मदद मांगी।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और स्थानीय बचाव दल सक्रिय हो गए। वायु सेना के हेलिकॉप्टर ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उड़ान भरी और दोनों पायलटों को एयरलिफ्ट किया। पेड़ पर फंसे रंजन गुप्ता को सुरक्षित नीचे उतारा गया। गंभीर रूप से घायल अरुण सिंह को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल हेलिकॉप्टर से निकाला गया।
रेस्क्यू के बाद दोनों घायलों को पालमपुर स्थित विवेकानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और उनका उपचार किया जा रहा है। प्रशासन अब हादसे के सटीक कारणों की जांच कर रहा है।