हमीरपुर I
हमीरपुर जिले के बड़सर उपमंडल की ग्राम पंचायत महारल के काली चिक गाँव में रविवार का दिन गहरे शोक और हृदयविदारक दृश्यों के बीच बीता। साउथ अफ्रीका में असमय काल का ग्रास बने युवा अमन कुमार का पार्थिव शरीर करीब 16 दिन बाद उनके पैतृक घर पहुँचा, जहाँ पूरे क्षेत्र ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
जानकारी के अनुसार, अमन कुमार पुत्र उधम सिंह की बीती 11 अप्रैल 2026 को साउथ अफ्रीका में स्विमिंग पूल में डूबने से दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। परदेस में हुई इस अनहोनी ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया था।
अपने जिगर के टुकड़े को आखिरी बार देखने और पैतृक गाँव की मिट्टी में उसका अंतिम संस्कार करने की चाह में पिता उधम सिंह ने दिन-रात एक कर दिया। भारी खर्च और कठिन कागजी औपचारिकताओं की परवाह किए बिना, पिता ने हर संभव प्रयास कर बेटे के पार्थिव शरीर को सात समंदर पार विदेश से वापस मंगवाया।
रविवार सुबह करीब सात बजे जैसे ही एम्बुलेंस अमन का पार्थिव शरीर लेकर घर के आँगन में पहुँची, परिजनों के सब्र का बाँध टूट गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था, जिन्हें देखकर वहाँ मौजूद हर ग्रामीण की आँखें छलक उठीं। 16 दिनों का लंबा और पीड़ादायक इंतज़ार जब इस रूप में खत्म हुआ, तो पूरे महारल क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
सुबह करीब नौ बजे गाँव के श्मशान घाट पर पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अमन का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में भारी संख्या में स्थानीय लोग और रिश्तेदार शामिल हुए।
हर कोई इस होनहार युवक के इस तरह चले जाने से स्तब्ध था। ग्रामीणों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बँधाया और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दुखद घटना ने न केवल एक परिवार का चिराग बुझा दिया, बल्कि पूरे ढटवाल क्षेत्र को गहरे जख्म दे दिए हैं।