शिमला I
शिमला जिले के चिड़गांव तहसील के कुलगांव में धार्मिक उत्सव के दौरान हुई दुखद फायरिंग की घटना में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है और वारदात में इस्तेमाल हथियार को भी बरामद कर लिया है।
27 अप्रैल 2026 को कुलगांव में नव-निर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान जब सैकड़ों लोग नृत्य और उत्सव में मग्न थे, तब 'हर्ष फायरिंग' (Celebration Firing) के कारण एक महिला की मौत हो गई थी।
घटना के तुरंत बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस टीम ने सूचना मिलते ही घटनास्थल को सील कर दिया और साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ आरोपी की तलाश में दबिश दी, जिसके परिणामस्वरूप उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जान गंवाने वाली महिला की पहचान रितिका, निवासी गांव आंध्रा, तहसील चिड़गांव, जिला शिमला के रूप में हुई है। उत्सव के माहौल में हुई इस आकस्मिक मृत्यु से आंध्रा और कुलगांव दोनों क्षेत्रों में शोक की लहर है।
शिमला पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना चिड़गांव में अभियोग संख्या 36/2026 दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ निम्नलिखित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है धारा 103(1) BNS (भारतीय न्याय संहिता) हत्या से संबंधित प्रावधान, अवैध हथियार या हथियार के दुरुपयोग से संबंधित।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि वारदात में प्रयुक्त हथियार को कब्जे में ले लिया गया है। अब पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर हर पहलू की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हथियार का लाइसेंस किसके नाम पर था और क्या नियमों का उल्लंघन कर इसे भीड़भाड़ वाले इलाके में ले जाया गया था।
पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर जनता से अपील की है कि धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रमों में हथियारों का प्रदर्शन और हवाई फायरिंग कानूनन अपराध है। ऐसी लापरवाही न केवल उत्सव की खुशियां छीन लेती है, बल्कि अनमोल जीवन के नुकसान का कारण भी बनती है।