मंडी I
सुंदरनगर के चौगान क्षेत्र से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक 39 वर्षीय शिक्षित युवा टेक्सटाइल इंजीनियर ने मानसिक तनाव के चलते मौत को गले लगा लिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक की पहचान विवेक सेन (39), पुत्र भूपेंद्र सेन, निवासी चौगान के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, विवेक पिछले काफी समय से मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) के काले साये में थे। रविवार की सुबह जब घरवाले रोज की तरह कमरे में चाय लेकर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। विवेक का शरीर कमरे में पंखे के साथ बिजली की तार के फंदे से लटक रहा था।
भाई ने तुरंत तार काटकर विवेक को नीचे उतारा और उम्मीद की एक किरण के साथ नागरिक अस्पताल सुंदरनगर ले गए, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घर के चिराग के इस तरह बुझ जाने से माता-पिता और भाई-बहनों का बुरा हाल है, उनकी चीखों से हर किसी की आंखें नम हो गईं। विवेक अभी अविवाहित थे, जिससे परिवार की उम्मीदें उनसे और भी ज्यादा जुड़ी थीं।
घटना की सूचना मिलते ही बीएसएल कॉलोनी थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। पुलिस के अनुसार, विवेक के कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और न ही परिजनों ने किसी पर कोई संदेह जताया है।
डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा, "पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। प्राथमिक जांच में मामला मानसिक अवसाद का लग रहा है।"
शिक्षित युवाओं का इस तरह अवसाद के कारण मौत को चुनना समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। यदि आपके आसपास कोई व्यक्ति चुपचाप तनाव से जूझ रहा है, तो उससे बात करें और उसे सहारा दें। मानसिक स्वास्थ्य उतना ही जरूरी है जितना शारीरिक स्वास्थ्य।