बस स्टैंड के पास डिब्बा फंसने से परेशान होकर इधर-उधर दौड़ रही थी मादा भालू, ट्रैंक्विलाइज कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा
पर्यटन नगरी डलहौजी के बस स्टैंड क्षेत्र में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक मादा भालू के सिर में प्लास्टिक का डिब्बा फंसा हुआ मिला। डिब्बा सिर में बुरी तरह फंसने के कारण भालू ठीक से देख नहीं पा रही थी और परेशान होकर इधर-उधर दौड़ रही थी। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
मामले की गंभीरता और आमजन की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस तथा नगर परिषद के सहयोग से चर्च रोड पर यातायात रोक दिया गया। इसके बाद डीएफओ डलहौजी डॉ. कुलदीप जमवाल और आरओ राहुल ठाकुर की देखरेख में विभागीय वेटरनरी टीम ने मादा भालू को ट्रैंक्विलाइज कर सुरक्षित रूप से बेहोश किया।
अचेत होने के बाद कर्मियों ने सावधानीपूर्वक उसके सिर में फंसे प्लास्टिक के डिब्बे को काटकर अलग किया।
डिब्बा हटाने के बाद मादा भालू का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के बाद उसे उसके प्राकृतिक वन क्षेत्र में वापस छोड़ दिया गया। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से भालू को सुरक्षित बचा लिया गया।
सफल रेस्क्यू अभियान के बाद डीएफओ ने आम जनता और सैलानियों से वनों तथा सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक कचरा नहीं फेंकने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों की लापरवाही वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
डलहौजी जैसे वन क्षेत्रों से घिरे पर्यटन स्थलों पर वन्यजीवों की आवाजाही को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और जंगली जानवर दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने का आग्रह किया गया है।
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