मुख्यमंत्री सुक्खू ने ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ से की वर्चुअल चर्चा; बच्चों ने साझा किए दमन यात्रा के अनुभव

मुख्यमंत्री सुक्खू ने ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ से की वर्चुअल चर्चा; बच्चों ने साझा किए दमन यात्रा के अनुभव
मुख्यमंत्री सुक्खू ने ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ से की वर्चुअल चर्चा; बच्चों ने साझा किए दमन यात्रा के अनुभव

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शिमला।

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम के जरिए चंबा जिले के 35 ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ (निराश्रित बच्चों) से सीधा संवाद किया। ये बच्चे वर्तमान में दमन और दीव के शैक्षणिक भ्रमण पर हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से उनकी यात्रा, नए अनुभवों और उन्हें मिल रही सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

संवाद के दौरान बच्चे उत्साहित नजर आए और उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा, धन्यवाद सीएम सर! आपकी दूरदर्शी सोच के कारण ही हमें हवाई जहाज से दमन आने और यहां घूमने का अवसर मिला है। बच्चों ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रदान की जा रही सुविधाओं से वे बेहद खुश हैं।

बच्चों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 'मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना' विशेष रूप से निराश्रित बच्चों के कल्याण के लिए बनाई गई है।

उन्होंने जोर देकर कहा राज्य के संसाधनों पर इन बच्चों का भी उतना ही अधिकार है जितना किसी अन्य नागरिक का। सरकार बच्चों की शिक्षा, व्यावसायिक कोचिंग और आत्मनिर्भर बनने तक का पूरा खर्च वहन कर रही है। योजना के तहत विवाह के लिए आर्थिक सहायता और घर बनाने के लिए मदद का भी प्रावधान है।

यह शैक्षणिक भ्रमण 31 मार्च से शुरू हुआ है और 7 अप्रैल, 2026 तक चलेगा। इस दल में चंबा जिले के साहो, पांगी, चंबा और चिल्ली (तीसा) के बाल देखभाल संस्थानों के कुल 35 बच्चे शामिल हैं, जिनमें 24 लड़कियां और 11 लड़के हैं।

यात्रा के मुख्य पड़ाव:

  1. दिल्ली: यात्रा के पहले चरण में बच्चे दिल्ली पहुंचे और हिमाचल भवन में ठहरे।

  2. हवाई यात्रा: दिल्ली से हवाई मार्ग द्वारा बच्चे सूरत पहुंचे।

  3. दमन: वर्तमान में बच्चे दमन में हैं और वहां के ऐतिहासिक व शैक्षणिक स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री की इस पहल का उद्देश्य इन बच्चों के आत्मविश्वास में वृद्धि करना और उन्हें बाहरी दुनिया के अनुभवों से जोड़कर समाज की मुख्यधारा में मजबूती से खड़ा करना है।

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